Ҳаргиз буд ба шухии чашми ту ъбҳрӣ
هرگز بود به شوخی چشم تو عبهری؟
ё росттар зи қад ту бошад санавбарӣ
یا راستتر ز قد تو باشد صنوبری؟
ё дошт хубтар зи ту маъшӯқ , ошиқӣ
یا داشت خوبتر ز تو معشوق، عاشقی؟
ё зоди шӯхтар зи ту фарзанд , модарӣ
یا زاد شوختر ز تو فرزند، مادری؟
Гар бигузарам ба кӯии ту рӯзии ҳазор бор
گر بگذرم به کوی تو روزی هزار بار
Байнам нишаста бар сари Кувайти муҷовирӣ
بینم نشسته بر سر کویت مجاوری
ё даст бар дилии зи ту ё пой дар гулӣ
یا دست بر دلی ز تو یا پای در گلی
ё бод дар кафии зи ту ё хок бар сиррӣ
یا باد در کفی ز تو یا خاک بر سری
Кардӣ зи бедилии ту маро дар ҷаҳони смр
کردی ز بیدلی تو مرا در جهان سمر
Не бедилӣаст чун ману не чун ту дилбарӣ
نی بیدلی است چون من و نی چون تو دلبری
Не чун манаст дар ҳамаи олами ситами кашӣ
نی چون من است در همه عالم ستمکشی
Не чун ту ҳаст дар ҳамаи гетии ситам гарӣ
نی چون تو هست در همه گیتی ستمگری
Парон шавад зи зери каллаи зоғи зулфи ту
پرّان شود ز زیر کُله زاغ زلف تو
То бар пурди з бар дили ман чун кабӯтарӣ
تا برپرد ز بر، دلِ من چون کبوتری
Зон зулфи ънбринти рухам чанбарӣ шавад
زان زلف عنبرینت رخم چنبری شود
То пушти ман хамида шавад ҳамчуи чанбарӣ
تا پشت من خمیده شود همچو چنبری
Гуфтӣ чаро кашии сари зулфи мънбрм
گفتی چرا کشی سر زلف معنبرم
Гӯям ки созмши зи дили хеши миҷмарӣ
گویم که سازمش ز دل خویش مجمری
Гўӣӣ ки шукр миннат ояд ба орзӯ
گوئی که شکر مَنت آید به آرزو
Гӯям ҳадис дар даҳанати боди шукрӣ
گویم حدیث در دهنت باد شکری