Гарна ту эй зуди сайри ташнаи хӯни манӣ

گر نه تو ای زود سیر تشنهٔ خون منی

Бо ман деринаи дӯст чанд кунӣ душманӣ

با من دیرینه دوست چند کنی دشمنی

Ҳаст яқинам ки ман меҳри туро нгслм

هست یقینم که من مهر تو را نگسلم

Нест дурустам ки ту аҳд маро нашиканӣ

نیست دُرُستم که تو عهد مرا نشکنی

Дар талаби хӯни ман қоида ҳо ме наҳй

در طلب خون من قاعده‌ها می‌نهی

Дар раҳи умеди ман қофилаҳо май занӣ

در ره امید من قافله‌ها می‌زنی

Бар паии ду нони шӯй аз сари дуни ҳимматӣ

بر پی دونان شوی از سر دون همتی

Бози маро зм кунӣ аз сартар доманӣ

باز مرا ذم کنی از سر تردامنی

Даст ба шохи ҷафо аз паии он барда Эй

دست به شاخ جفا از پی آن بُردی‌اَم

То раги умри марои бехи зи бен бркнӣ

تا رگ عمر مرا بیخ ز بن برکنی

Гарна мустаманд душман хоқонем

گر نه منِ مستمند دشمن خاقانیم

Баҳр чаҳ гуфтанам ки ту дӯсти азизи манӣ

بهر چه گفتم که تو دوست عزیز منی