Чу умри рафтаи ту касро ба ҳеҷ кори ниёе
چو عمر رفته تو کس را به هیچ کار نیایی
Чу умри номдаҳи ҳам эътимодро ба нишое
چو عمر نامده هم اعتماد را نبشایی
Азиз будӣ чун умру ҳамчу умр бирафтӣ
عزیز بودی چون عمر و همچو عمر برفتی
Чу умри рафтаи з дастам надонад онкӣ кӣ ое
چو عمر رفته ز دستم نداند آنکه کی آیی
Маро чу умри ҷавонӣ фиреб додӣ рафтӣ
مرا چو عمر جوانی فریب و دادی رفتی
Ту ҳамчуи умри ҷавонӣ , бирав на аҳли вафое
تو همچو عمر جوانی، برو نه اهل وفایی
Дилами туроу ҷаҳонро видоъ кард ба умрӣ
دلم تو را و جهان را وداع کرد به عمری
Ки ӯ ба тарки сазо буд ва ту ба ҳиҷри сазое
که او به ترک سزا بود و تو به هجر سزایی
Чу умр нафас прессатон ки бар маҳоли гузашти он
چو عمر نفسپرستان که بر محال گذشت آن
Бирафтӣ аз сари ғифлати нпрсмт ки куҷое
برفتی از سر غفلت نپرسمت که کجایی
Туро ба силсилаи сабри хостам ки бабандам
تو را به سلسلهٔ صبر خواستم که ببندم
Вале ту шефта чун умр беш банди нпоиӣ
ولی تو شیفته چون عمر، بیش بند نپایی
зи дасти умри сабки пои саргарон ба ту нолам
ز دست عمر سبک پای سرگران به تو نالم
Ки умри ман зи ту омухти ин гурехтаи пое
که عمر من ز تو آموخت این گریخته پایی
Ту ҳам чу рӯзӣ бисёр норасида баӣ зи он
تو همچو روزی بسیار نارسیده بهی ز آن
Ки умри коҳӣ агарчӣ нишоти дили бФзоиӣ
که عمر کاهی اگرچه نشاط دل بفزایی
Марои зи ту ҳама умраст мотами ҳамаи рӯза
مرا ز تو همه عمر است ماتم همه روزه
Ки ҳам чу ид ба солии дубор рӯй намое
که همچو عید به سالی دوبار روی نمایی
Чу умри рафта ба меҳнат ки ғам фазояд ёдаш
چو عمر رفته به محنت که غم فزاید یادش
Ба ёди нормти аиро ки ёдгори балое
به یاد نارمت ایرا که یادگار بلایی
Чу рӯзи фурқати ёрон ки нашмуранд зи умраш
چو روز فرقت یاران که نشمرند ز عمرش
з умр нашмурам он соъатӣ ки пеши ман ое
ز عمر نشمرم آن ساعتی که پیش من آیی
з хон васл ту кардам хилол ва даст бишустам
ز خوان وصل تو کردم خلال و دست بشستم
Ба оби дидаи зи ишқат ки заҳри умри гзоиӣ
به آب دیده ز عشقت که زهر عمر گزایی
Маро ба сол мазан таънагар куҳан шудаи сарвам
مرا به سال مزن طعنه گر کهن شده سروم
Ки ту ба тозагии умри ҳам чу гул ба навое
که تو به تازگی عمر همچو گل به نوایی
Туе ки нақби занӣ дар сарои умр ва ба охир
تویی که نقب زنی در سرای عمر و به آخر
На нақди вақти барии кӣсаи ҳаёти рибоӣ
نه نقد وقت بُری، کیسهٔ حیات ربایی
Чунон ки аз дяти хӯн буд ҳаёти дубора
چنان که از دیت خون بوَد حیات دوباره
Дубораи умри шуморам ки ёбам аз ту ҷудоӣ
دوباره عمر شمارم که یابم از تو جدایی
Ман аз ғами ту ва аз умри сайри гаштами азиро
من از غم تو و از عمر سیر گشتم ازیرا
Чу ғами натиҷаи умрӣ чу умри доми балое
چو غم نتیجهٔ عمری چو عمر دام بلایی
Ба умрам аз ту чаҳ андӯхтам ҷузин зари чеҳра
به عمرم از تو چه اندوختم جزاین زرِ چهره
Ба зари маро чаҳ фиребӣ ки кимиёии ҷафое
به زر مرا چه فریبی که کیمیای جفایی
Бирав ки ташнаи деринае ба хӯни ман оре
برو که تشنهٔ دیرینهای به خون من آری
Напурсам аз ту ки чун умри зуди сайр чарое
نپرسم از تو که چون عمر، زود سیر چرایی
Танам бабандӣу корам ба умрҳо нагушойӣ
تنم ببندی و کارم به عمرها نگشایی
Ки кам айёрӣ агарчӣ чу умр беш баҳоӣ
که کم عیاری اگرچه چو عمر بیش بهایی