эй қавли дил ба рафеъи алдрҷот

ای قوی دل به رفیع‌الدرجات

Вази бароъат ба ҷаҳон дода барот

وز برائت به جهان داده برات

Панҷуми чори сафӣ аз маликон

پنجمِ چار صفی از ملکان

Ҳаштуми ҳафт танӣ аз табақот

هشتمِ هفت تنی از طبقات

Рои рахшони ту бар чашмаи Хизр

رای رخشان تو بر چشمهٔ خضر

Рафта бе заҳмати роҳи зулмот

رفته بی‌زحمتِ راهِ ظلمات

Хасми ту кӯр ва ту ойӣнаи шаръ

خصم تو کور و تو آیینهٔ شرع

Кӯри ойӣнаи шиносад ? ҳайҳот

کور آیینه شناسد؟ هیهات

Ҳосид ар дар ту кушодааст забон

حاسد از درد گشاده است زبان

Ҳам кунунаш расад офоти вафот

هم کنونش رسد آفات وفات

Як ду овоз барояд зи чароғ

یک دو آواز برآید ز چراغ

Гуҳи мурдан ки буд дар сакарот

گهِ مردن که بود در سکرات

Ки бногаҳи з ватан кардӣ нақл

که به ناگه ز وطن کردی نقل

Беш ёбии зи замонаи ҳасанот

بیش یابی ز زمانه حسنات

Он набинӣ ки яке даҳ гардад

آن نبینی که یکی ده گردد

Чун з оҳод расад дар ъушрот

چون ز آحاد رسد در عشرات

Ва онкии ҷой ту гирифтаст онҷо

وآنکه جای تو گرفته است آنجا

Ҳеҷ кас донамаш аз рӯй сифот

هیچ کس دانمش از روی صفات

Ки алиф чун бишуд аз манзили як

که الف چون بشد از منزل یک

Сифр бар ҷой алиф кард сабот

صفر بر جای الف کرد ثبات

зи ту то ғайри ту фарқаст арча

از تو تا غیر تو فرق است ارچه

Насаб аз одам доранд ба зот

نسب از آدم دارند به ذات

Гарчи ҳар ду з ҷалбат санганд

گرچه هر دو ز جلبت سنگند

Фарқ бошад зи манӣ то ба манот

فرق باشد ز منی تا به منات

Доим аз боғи бақои ту расоад

دایم از باغ بقای تو رساد

Ба ҳамаи халқи насими баракот

به همه خلق نسیم برکات

Хирқаи дорони ту мақбул чу ло

خرقه‌داران تو مقبول چو لا

Бадсиголони ту маъзул чу лоат

بدسگالان تو معزول چو لات

Гррсди ҷунбиши калаки ту ба ман

گر رسد جنبش کلک تو به من

Ҳеҷ нақсат нарасад зини ҳаракот

هیچ نقصت نرسد زین حرکات

Ки дили хастаи хоқонӣ ро

که دل خستهٔ خاقانی را

Аз тҳёти тўбхшнди ҳаёт

از تحیات تو بخشند حیات

Хониш
ғзл шморҳ 41 — ъндлӣб