Аз ҳоли худ шикастаи дилонро хабар фирист
از حال خود شکسته دلان را خبر فرست
Таскини ҷони сӯхтагони як назар фирист
تسکین جان سوختگان یک نظر فرست
Ҷон дар табаст аз он шкрстони лаъли хеш
جان در تب است از آن شکرستان لعل خویش
Аз баҳри таб баридани ҷон нешикар фирист
از بهر تب بریدن جان نیشکر فرست
Гуфтам ба дил ки тӯҳфаи он боргоҳи инс
گفتم به دل که تحفهٔ آن بارگاه انس
Гар зар хушк нест суханҳои тар фирист
گر زر خشک نیست سخنهای تر فرست
Будам дар ин ҳадис ки омад хаёли ту
بودم در این حدیث که آمد خیال تو
К-эии хоҷаи мо сухан нашносем зар фирист
کای خواجه، ما سخن نشناسیم زر فرست
Алмосу заҳр бар сари мижгон чу доштӣ
الماس و زهر بر سر مژگان چو داشتی
Ин сӯии дил равон кун ва он зӣ ҷигар фирист
این، سوی دل روان کن و، آن، زی جگر فرست
Сари хостии зи ман ҳам азин пои бози гирд
سر خواستی ز من هم ازین پای باز گرد
Шамшеру ташт рост куну сӯй сар фирист
شمشیر و تشت راست کن و سوی سر فرست
Хоқонёи сипоҳ ғам омад ду манзилӣ
خاقانیا سپاه غم آمد دو منزلی
Ҷонро ду асбаи хез ба хизмат ба дар фирист
جان را دو اسبه خیز به خدمت به در فرست