Дилро зи дами ту дом рӯзӣ аст
دل را ز دم تو وامْ روزی است
Вази софи ту дарди хом рӯзӣ аст
وز صاف تو دُردِ خام روزی است
Аз соқии маҷлиси ту мо ро
از ساقی مجلس تو ما را
Аз даври хаёли ҷом рӯзӣ аст
از دور خیال جام روزی است
Ҷони хок ту шуд ки хокро ҳам
جان خاک تو شد که خاک را هم
Аз ҷуръаи нотамом рӯзӣ аст
از جرعهٔ ناتمام روزی است
Мурғӣаст дилами буландпарвоз
مرغی است دلم بلندپرواز
Аммо зи қазоаши дом рӯзӣ аст
اما ز قضاش دام روزی است
Ноком шудам ба коми душман
ناکام شدم به کام دشمن
То худ зи туам чаҳ ком рӯзӣ аст
تا خود ز توام چه کام روزی است
Зон пой бар оташам ки дил ро
زان پای بر آتشم که دل را
Бар хок дарат мақом рӯзӣ аст
بر خاک درت مقام روزی است
Мондам ба шумори ҳиҷру васлат
ماندم به شمار هجر و وصلت
То зини ду марои кадом рӯзӣ аст
تا زین دو مرا کدام روزی است
Фатвост ба хӯни ман ғамат ро
فتواست به خون من غمت را
Алҳақ ғами ту ҳаром рӯзӣ аст
الحق غم تو حرام روزی است
Хоқониро зиёд хондӣ
خاقانی را ز یاد خواندی
Кўрои зи вуҷӯди ном рӯзӣ аст
کورا ز وجود نام روزی است