Давлати ишқ ту омад олами ҷон тоза кард

دولتِ عشقِ تو آمد عالمِ جان تازه کرد

Ақл , кофар буд он рух диду имон тоза кард

عقل، کافر بود آن رُخ دید و ایمان تازه کرد

Доғи дилҳоро ба саҳари он ҷазаъи ҷодӯ тоб дод

داغِ دلها را به سِحر آن جَزعِ جادو تاب داد

Боғи ҷонҳоро ба шарти он лаъли рахшон тоза кард

باغِ جان‌ها را به شرط آن لعلِ رَخشان تازه کرد

То зи аҳди ҳасани ту овоза шуд дар шарқу ғарб

تا ز عهدِ حُسنِ تو آوازه شد در شرق و غرب

Осмон бо ишқи бозии аҳду паймон тоза кард

آسمان با عشق‌بازی عهد و پیمان تازه کرد

Ишқи навгар дайр омад дар дили сўдоӣён

عشقِ تو گَر دیر آمد در دلِ سودائیان

Ҳар киро дарди куҳан тар ёфт дармон тоза кард

هر که را دردِ کهن‌تر یافت درمان تازه کرد

Нури ту саҳро гирифту ашки ман дарё намӯд

نورِ تو صحرا گرفت و اشکِ من دریا نمود

Мӯсои оташ боз диду Нӯҳи тӯфон тоза кард

موسي آتش باز دید و نوح طوفان تازه کرد

Бар дили мо ид кард андӯҳи ту вази сабри мо

بر دلِ ما عید کرد اندوهِ تو وَز صبرِ ما

Ҳарчӣ фарбеҳ дид ногуҳи кишту қурбон тоза кард

هرچه فَربه دید ناگَه کُشت و قُربان تازه کرد

Ҳар куҷои лаъли ту нӯш ифшоанд чашми мо ба шукр

هر کجا لَعلِ تو نوشَ افْشانْد چشمِ ما به شُکر

Дар шикаррези ҷамолати гавҳари афшон тоза кард

در شِکرریزِ جمالت گوهر اَفْشان تازه کرد

Аз лабат ҳар соли моро шукрии марсум буд

از لَبَت هر سالْ ما را شِکَّری مَرسوم بود

Соли нави гашти охири он марсум натавон тоза кард

سالِ نو گشت آخر آن مَرسوم نَتْوان تازه کرد

Шод бош аз ҳасани худ каз васфи ту , саҳари ҳалол

شاد باش از حُسنِ خود کز وصفِ تو، سِحرِ حَلال

Табъи хоқонӣ ба назм овараду девон тоза кард

طبعِ خاقانی به نظم آورد و دیوان تازه کرد

Тозагии имрӯз аз ашъор ӯ бинад Ироқ

تازگی امروز از اشعارِ او بینَد عراق

Кӯи шиори мадҳати шоҳи хуросон тоза кард

کو شعارِ مدحتِ شاهِ خراسان تازه کرد

Хониш
ғзл шморҳ 90 — ъндлӣб