Ишқи ту ба гирд ҳар ки баргардад
عشق تو به گرد هر که برگردد
Аз зулфи ту бе қарортар гардад
از زلف تو بیقرارتر گردد
Тоҷ он дорад ки пеши тахти ту
تاج آن دارد که پیش تخت تو
Чун доӣраҳи ҷумлаи тан камар гардад
چون دائره جمله تن کمر گردد
Мард он бошад ки пеши теғи ту
مرد آن باشد که پیش تیغ تو
Чун оинаи ҷумлаи рух сипар гардад
چون آینه جمله رخ سپر گردد
Дар ишқи тутар наёмадан шарт аст
در عشق تو تر نیامدن شرط است
Коиинаҳ сияҳ шавад чу тар гардад
کایینه سیه شود چو تر گردد
Бар ҳар ки расед захми ҳиҷронат
بر هر که رسید زخم هجرانت
Гар сад Сикандараст дргрдд
گر سد سکندر است درگردد
Зари хостаи ҷуҳудам ар дорам
زر خواستهٔ جهودم ار دارم
Чандон ки ба офтоби дргрдд
چندان که به آفتاب درگردد
Зардонад сохт кори ман оре
زر داند ساخت کار من آری
Кори ҳамаи кас ба зар чу зар гардад
کار همه کس به زر چو زر گردد
Имрӯз бисоз кори могар не
امروز بساز کار ما گر نی
Фардои ҳамаи корҳо дигар гардад
فردا همه کارها دگر گردد
Хоқониро чаҳ хезад аз васлат
خاقانی را چه خیزد از وصلت
Он рӯз ки рӯзи умри баргардад
آن روز که روز عمر برگردد