Сар нест каз ту бар сар ханҷар наме шавад

سر نیست کز تو بر سر خنجر نمی‌شود

То сар намешавад ғамат аз сар наме шавад

تا سر نمی‌شود غمت از سر نمی‌شود

Аз шасти ишқ нав напарад ҳеҷ новакӣ

از شست عشق تو نپرد هیچ ناوکی

Кон бо қазои чарх баробар наме шавад

کان با قضای چرخ برابر نمی‌شود

Ҳар дам ба тир ғамза бирезӣ ҳазор хӯн

هر دم به تیر غمزه بریزی هزار خون

Венаи турфатар , ки тири ту худ тар наме шавад

وین طرفه‌تر، که تیر تو خود تر نمی‌شود

Султони некӯоне ва бедод ме кунӣ

سلطان نیکوانی و بیداد می‌کنی

намекун ки дасти шаҳна ба ту дар наме шавад

می‌کن که دست شحنه به تو درنمی‌شود

Инсофи ман зи ту ки сетанд ки дар ҷаҳон

انصاف من ز تو که ستاند که در جهان

Довар намонад каз ту ба довар наме шавад

داور نماند کز تو به داور نمی‌شود

Рӯзам фурӯ шуд аз ғам ва дар кӯии ишқи ту

روزم فرو شد از غم و در کوی عشق تو

Ин дӯди ҷузи зи равзани ман бар наме шавад

این دود جز ز روزن من بر نمی‌شود

Рӯзии ҳазор бор бихонам китоби сабр

روزی هزار بار بخوانم کتاب صبر

Гӯшам ба туаст лоҷарам аз бар наме шавад

گوشم به توست لاجرم از بر نمی‌شود

Аз орзӯии васли ту ҷон ва дилам намонад

از آرزوی وصل تو جان و دلم نماند

Комад шуд фироқи ту камтар наме шавад

کآمد شد فراق تو کمتر نمی‌شود

Кардам ҳазор ёрб ва дар ту асар накард

کردم هزار یارب و در تو اثر نکرد

Ёрб магари саодат ёвар наме шавад

یارب مگر سعادت یاور نمی‌شود

Хоқонёи з ёрб биФоидаҳ чаҳ суд

خاقانیا ز یاربِ بی‌فایده چه سود

Кин ёрб аз бирават ту бартар наме шавад

کاین یارب از بُروت تو برتر نمی‌شود

Хониш
ғзл шморҳ 99 — ъндлӣб