эй шафиъи сад ҳазор уммат чу хоқонӣ ба ҳашар
ای شفیع صد هزار امت چو خاقانی به حشر
Бандаи муртад буд ва бар дасти ту имон тоза кард
بنده مرتد بود و بر دست تو ایمان تازه کرد
Гар забон ӯ ҷанобат дошт аз ҳар ҷонибӣ
گر زبان او جنابت داشت از هر جانبی
Он ҷанобат барграфт ашкӣ ки тӯфон тоза кард
آن جنابت برگرفت اشکی که طوفان تازه کرد
Чун забон ӯ ба ҳафтод оби хиҷлати шастаи гашт
چون زبان او به هفتاد آب خجلت شسته گشت
Бар дарат ҳар ҳафтае ҳафтод девон тоза кард
بر درت هر هفتهای هفتاد دیوان تازه کرد
Зини сафари мақсӯди имсолаши ту бўдстӣ на ҳаҷ
زین سفر مقصود امسالش تو بودستی نه حج
Коломони гӯйон ба даргоҳ омаду ҷон тоза кард
کالامان گویان به درگاه آمد و جان تازه کرد
Рафт зии каъба ки оради каъбаро зии ту шафиъ
رفت زی کعبه که آرد کعبه را زی تو شفیع
Тоаш бипазирӣ ки ӯ бо тавбаи имон тоза кард
تاش بپذیری که او با توبه ایمان تازه کرد
Пеши каъбаи нафаси ҳиссии баҳри қурбони ҳадяи барад
پیش کعبه نفس حسی بهر قربان هدیه برد
Пеши садрати ҷони қудсии кишту қурбон тоза кард
پیش صدرت جان قدسی کشت و قربان تازه کرد
Ин ду ҳарф аз хӯн дил бинвишт ва дар хокаш наҳуфт
این دو حرف از خون دل بنوشت و در خاکش نهفت
Нусха тавбааст каз хуноби мижгон тора кард
نسخهٔ توبه است کز خوناب مژگان تاره کرد
Пеши болинати зи баси зарди об каз мижгон бирехт
پیش بالینت ز بس زرد آب کز مژگان بریخت
Заъфарони суду ҳунути шахси ёрон тоза кард
زعفران سود و حنوط شخص یاران تازه کرد
Пешат аз ҷони авду зи дили авд сӯзӣ карда буд
پیشت از جان عود و ز دل عود سوزی کرده بود
Ҳам зи сӯзи синаи атри авди сӯзон тоза кард
هم ز سوز سینه عطر عود سوزان تازه کرد
То ба истисқои абр раҳмат омад бар дарат
تا به استسقای ابر رحمت آمد بر درت
Кишти зори умри фониро ба борон тоза кард
کشتزار عمر فانی را به باران تازه کرد
Умр зойеъ карда Эй дорад зи ту чашми қабул
عمر ضایع کردهای دارد ز تو چشم قبول
Каз қабули ту қибола умр битавон тоза кард
کز قبول تو قبالهٔ عمر بتوان تازه کرد
Қадари он дорӣ ки тғрои қабулаши дркшӣ
قدر آن داری که طغرای قبولش درکشی
Конкаҳи мақбул ту шуд тўқиъи ризвон тоза кард
کانکه مقبول تو شد توقیع رضوان تازه کرد