РФиқои шиносӣ ки ман зи аҳли ширвон
رفیقا شناسی که من ز اهل شروان
На аз бими ҷон дар шумо май гурезам
نه از بیم جان در شما میگریزم
Хтоӣӣ накардам ба ҳамдоллаи онҷо
خطائی نکردم بهحمدالله آنجا
Ки ӣнҷои зи бими хато май гурезам
که اینجا ز بیم خطا میگریزم
Чаҳ хуш гуфт солори мӯрон ки бо ҷам
چه خوش گفت سالار موران که با جم
Накардам бадӣ зу чаро май гурезам
نکردم بدی زو چرا میگریزم
зи баҳри фароғат сафар ме гузинам
ز بهر فراغت سفر میگزینم
Паии нузҳати андари фазо май гурезам
پی نزهت اندر فضا میگریزم
Марои заҳмати содиру вориди онҷо
مرا زحمت صادر و وارد آنجا
Ъно менамӯд аз ъно май гурезам
عنا مینمود از عنا میگریزم
Қазои ҳам зи доғи фироқи азизон
قضا هم ز داغ فراق عزیزان
Дилами сӯхти ҳам зон қазо май гурезам
دلم سوخت هم زان قضا میگریزم
Дилӣ будам аз ғам чу симоби ларзон
دلی بودم از غم چو سیماب لرزان
Чу симоб аз он ҷобаи ҷо май гурезам
چو سیماب از آن جابجا میگریزم
Ба табризи ҳам пои банди аёлам
به تبریز هم پایبند عیالم
Аз он пои банди бало май гурезам
از آن پایبند بلا میگریزم
зи табриз чун сӯии армни биёям
ز تبریز چون سوی ارمن بیایم
Ҳам аз зулматӣ дар зё май гурезам
هم از ظلمتی در ضیا میگریزم