Имрӯз ба ҳолеаст зи савдои дили ман
امروز به حالی است ز سودا دل من
Тарсам накушуд бе ту ба фардои дили ман
ترسم نکشد بیتو به فردا دل من
Дар пои ту куштаи гашти ъмдои дили ман
در پای تو کشته گشت عمدا دل من
Шуд кори дил аз даст , дариғо дили ман
شد کار دل از دست، دریغا دل من