Ҳар кӯ чу шамъи зотши дили тоҷ сар накард

هر کو چو شمع  زآتشِ دل تاجِ سر نکرد

Сар дар миёни маҷлиси ушшоқ бар накард

سر در میانِ مجلس عشّاق بَر نکرد

Бар хати ишқи моҳи рухон чун қалам касе

بر خطِّ عشقِ ماه‌رخان چون قلم کسی

Наниҳод сар , ки ҳамчуи қалами тарк сар накард

ننهاد سر، که همچو قلم ترکِ سر نکرد

Онкаси шикасти қалб , ки бимаши з ҷон набӯд

آنکس شکست قلب، که بیمش ز جان نبود

Ваон ёфт зиндагӣ , ки зи куштан ҳазар накард

وان یافت زندگی، که ز کشتن حذر نکرد

Сар бар накард пеши сарафкандагони ишқ

سر بر نکرد پیش سرافکندگانِ عشق

Чун шамъ , ҳар ки саркашӣ аз сар ба дар накард

چون شمع، هر که سرکشی از سر به در نکرد

Хӯн шуд зи ашки мо дили сангини кӯҳсор

خون شد ز اشکِ ما دلِ سنگینِ کوهسار

Ваон сусти меҳр бар дили сахташ асар накард

وان سست مهر بر دلِ سختش اثر نکرد

Гаштем хоки поиш ва он сарви сарфароз

گشتیم خاک پایش و آن سروِ سرفراز

Домани кашон равон шуд ва дар мо назар накард

دامن‌کشان روان شد و در ما نظر نکرد

Малики вуҷӯдро бар султони ишқ ӯ

مُلک وجود را بَرِ سلطانِ عشق او

Барадем ва илтифот бидон мухтасар накард

بردیم و التفات بدان مختصر نکرد

Шуд корвону хӯни дили биқрори мо

شد کاروان و خونِ دلِ بیقرار ما

Рафт аз қафои маҳмил ва моро хабар накард

رفت از قفای محمل و ما را خبر نکرد

Нанавишт моҷарои дил ва дидаам дабир

ننوشت ماجرای دل و دیده‌ام دبیر

То номаро ба хӯни дилу дида , тар накард

تا نامه را به خونِ دل و دیده، تر نکرد

Зон соъатам ки бар раҳи мастӣ гузар фитод

زان ساعتم که بر ره مستی گذر فتاد

Дар хотирам дигар ғам ҳастӣ гузар накард

در خاطرم دگر غم هستی گذر نکرد

Хоҷу чигуна ҷомаи ҷон чок зад чу субҳ ?

خواجو چگونه جامهٔ جان چاک زد چو صبح؟

Гар гӯш бар тараннуми мурғ саҳар накард

گر گوش بر ترنّم مرغ سحر نکرد