Ҳар ки бо наргиси сармасти ту дар кор ояд
هر که با نرگس سرمست تو در کار آید
Рӯзу шаби мӯътакифи хона ӣ хумор ояд
روز و شب معتکف خانه ی خمّار آید
Сӯфӣ аз зулфи тугар як сар мӯ дарёбад
صوفی از زلف تو گر یک سر مو دریابد
Хирқа бифурӯшад ва дар ҳалқа ӣ зуннор ояд
خرقه بفروشد و در حلقه ی زنار آید
Ту мапиндор ки аз ғояти зибоӣӣу лутф
تو مپندار که از غایت زیبائی و لطف
Нақш рӯй ту дар ойина пиндор ояд
نقش روی تو در آئینه پندار آید
Ҳар гиреҳ каз шикани зулф кажат бигушоӣанд
هر گره کز شکن زلف کژت بگشایند
Зу ҳамаи нола ӣ дилҳои гирифтор ояд
زو همه ناله ی دلهای گرفتار آید
Гар дам аз дона ӣ хол ту занад машки фуруш
گر دم از دانه ی خال تو زند مشک فروش
Солҳо зу нафаси нофа ӣ тотор ояд
سالها زو نفس نافه ی تاتار آید
Зулфи саргашта агар сари з хатат баргирад
زلف سرگشته اگر سر ز خطت برگیرد
Ҳамчуи бахти ман шӯрида нигунсор ояд
همچو بخت من شوریده نگونسار آید
Ман агар дар назар халқ ниёем саҳласт
من اگر در نظر خلق نیایم سهلست
Маст кӣ дар назари мардум ҳушёр ояд
مست کی در نظر مردم هشیار آید
Айб булбул натавон кардан агар фасли баҳор
عیب بلبل نتوان کردن اگر فصل بهار
?наргаст бинаду сармаст бглзор ояд
نرگست بیند و سرمست بگلزار آید
Юсуфи мисрии моро чу ббозор баранд
یوسف مصری ما را چو ببازار برند
эй басои ҷони азизаш ки харидор ояд
ای بسا جان عزیزش که خریدار آید
Зарраи ӣӣ беш набинад змни сӯхтаи дил
ذره ئی بیش نبیند زمن سوخته دل
Офтоби ман агар бар сар девор ояд
آفتاب من اگر بر سر دیوار آید
Ҳамчу хоҷу нашавад аз майу мастии бекор
همچو خواجو نشود از می و مستی بیکار
Ҳар ки бо наргиси сармасти ту дар кор ояд
هر که با نرگس سرمست تو در کار آید