зи шаҳри ёр ки ояд ки ҳол ёр бигӯед
ز شهر یار که آید که حال یار بگوید
Расад ба бандау рамзии з шаҳриёр бигӯед
رسد به بنده و رمزی ز شهریار بگوید
Бъндлиби насимии з гулистон бирасонад
بعندلیب نسیمی ز گلستان برساند
Бмрғи зори ҳадисии з марғзор бигӯед
بمرغ زار حدیثی ز مرغزار بگوید
Ҳар ончӣ гуяд аз авсофи дилбарони дили ромин
هر آنچه گوید از اوصاف دلبران دل رامین
зи ҳасани виси гули андом глъзор бигӯед
ز حسن ویس گل اندام گلعذار بگوید
Бидон қарор ки дилбастагӣ намонаду фаслӣ
بدان قرار که دلبستگی نماند و فصلی
Аз он ду зулфи парешон биқрор бигӯед
از آن دو زلف پریشان بیقرار بگوید
Бигӯ ки пардаи сарои созро бисоз дар орад
بگو که پرده سرا ساز را بساز در آرد
Магари таронаи ӣӣ аз қавли он нигор бигӯед
مگر ترانه ئی از قول آن نگار بگوید
Кадоми зарра ки аз офтоб рӯй битобад
کدام ذره که از آفتاب روی بتابد
Кадоми ёр ки тарки диёр ёр бигӯед
کدام یار که ترک دیار یار بگوید
Чаҳ суди наргиси сармастро насиҳати булбул
چه سود نرگس سرمست را نصیحت بلبل
Ки ҳеҷ Фоӣдаҳ набӯд агар ҳазор бигӯед
که هیچ فائده نبود اگر هزار بگوید
Ксикаҳ дар дами субҳ аз хумори ҷони блби орад
کسیکه در دم صبح از خمار جان بلب آرد
Куҷои бтрк май лаъл хушгувор бигӯед
کجا بترک می لعل خوشگوار بگوید
зи навбаҳор чаҳ пурсади нишон рӯй ту хоҷу
ز نوبهار چه پرسد نشان روی تو خواجو
Чаро ки бод буд ҳарчӣ навбаҳор бигӯед
چرا که باد بود هرچه نوبهار بگوید