Мқорбт нашавад муртафаъи ббъди манозил

مقاربت نشود مرتفع ببعد منازل

Ки баъд дар раҳи маънӣ на монеъаст ва на ҳоил

که بعد در ره معنی نه مانعست و نه حائل

Чу ҳаст аҳди маваддати миёни Лайлӣу маҷнӯн

چو هست عهد مودّت میان لیلی و مجنون

Чаҳ ғами зи шиддати аъробу ихтилофи қбоӣл

چه غم ز شدت اعراب و اختلاف قبائل

Дар он масоф ки ҷон тоза гардад аз лаби ханҷар

در آن مصاف که جان تازه گردد از لب خنجر

Қтил ишқ намирад магар нағайбат қотил

قتیل عشق نمیرد مگر نغیبت قاتل

Касе ки хок шавад дар миёни баҳри маваддат

کسی که خاک شود در میان بحر مودت

Гумон мабар ки бурдбор азу ғубори бсоҳл

گمان مبر که بردبار از و غبار بساحل

Туро ки каъбаи тавоф ҳарам кунад бҳқиқт

ترا که کعبه طواف حرم کند بحقیقت

Чаҳ эҳтиёҷи бсиру сулӯку қатъи манозил

چه احتیاج بسیر و سلوک و قطع منازل

Бубахш бар дили мстсқёни водии фурқат

ببخش بر دل مستسقیان وادی فرقت

Ки кардаанд лаболаби бхўни дидаи мароҳил

که کرده اند لبالب بخون دیده مراحل

Агарчӣ ҳеҷ всилти бҳзрт ту надорам

اگرچه هیچ وسیلت بحضرت تو ندارم

Ҳавоӣ рӯй туам ҳаст беҳтарини васоил

هوای روی توام هست بهترین وسائل

Саводи хати ту берун намеравад зи сувидо

سواد خط تو بیرون نمی رود ز سویدا

Хаёли холи ту холӣ намешавад зи мхоӣл

خیال خال تو خالی نمی شود ز مخائل

Марои насиҳати донои бъқл боз наёрад

مرا نصیحت دانا بعقل باز نیارد

Ки иқтизоӣ ҷунун мекунад маломати оқил

که اقتضای جنون می کند ملامت عاقل

Агар зиштаст ту бошад бизан хаданги зираи сам

اگر ز شست تو باشد بزن خدنگ زره سم

Вагар зи даст ту бошад биор заҳри ҳалоҳил

وگر ز دست تو باشد بیار زهر هلاهل

Навой нағма ӣ хоҷуи шинав бгоҳ сабӯҳӣ

نوای نغمه ی خواجو شنو به گاه صبوحی

Чунонк вақти саҳар дар чамани хурӯши ънодл

چنانکه وقت سحر در چمن خروش عنادل