Шаби раҳили зи афғони хастагони мароҳил

شب رحیل ز افغان خستگان مراحل

Маҷол хоб наёбанд сокинони мҳомл

مجال خواب نیابند ساکنان محامل

Макаши зи моам шутури сорибон ки длшдгон ро

مکش ز مام شتر ساربان که دلشدگان را

Кашидааст сари зулфи дилбарони бслосл

کشیده است سر زلف دلبران بسلاسل

Сиришки дида ки миронм аз паии ту маронаш

سرشک دیده که میرانم از پی تو مرانش

Чаро ки шарти карямон буд иҷобати соил

چرا که شرط کریمان بود اجابت سائل

Танам муқӣм мақомасту ҷони бмрҳлаҳи озим

تنم مقیم مقامست و جان بمرحله عازم

Серуми мулозими болину дили бқоФлаҳи моӣл

سرم ملازم بالین و دل بقافله مائل

Бхомаҳ ҳар ки нависад фироқи нома ӣ мо ро

بخامه هر که نویسد فراق نامه ی ما را

Аҷаб ки оташи неи дрниФтдш бо номл

عجب که آتش نی درنیفتدش با نامل

Насим равза хулдаст ё шамеми аҳбо

نسیم روضه خلدست یا شمیم احبا

Шуъоъ нур ҷабинаст ё фурӯғи мшоъл

شعاع نور جبینست یا فروغ مشاعل

Басо ки дар ғами ишқи ту ибни мқлаҳ ӣ чашмам

بسا که در غم عشق تو ابن مقله ی چشمم

Навишт бар варақ зар басем ноби расоъл

نوشت بر ورق زر بسیم ناب رسائل

Серуми бнъли самандати мтўи ҷуст ва ту фориғ

سرم بنعل سمندت مُتوّ جست و تو فارغ

Дилам бабанд камандат муқайядаст ва ту ғофил

دلم ببند کمندت مقیدست و تو غافل

Агарна бо ту нишинам марои зи ишқ чаҳ боқӣ

اگرنه با تو نشینم مرا ز عشق چه باقی

Вагарна рӯй ту байнами марои зи дида чаҳ ҳосил

وگرنه روی تو بینم مرا ز دیده چه حاصل

Забони хомаи қалами гашт дар баёни ҷдоӣӣ

زبان خامه قلم گشت در بیان جدائی

Нарафт қиссаи бпоён ва рафт умри бботл

نرفت قصه بپایان و رفت عمر بباطل

Сазад ки даст бишӯйанд аз оби чашми ту хоҷу

سزد که دست بشویند از آب چشم تو خواجو

Ки ҳаст оташи дили ғолибу сиришки ту нозил

که هست آتش دل غالب و سرشک تو نازل