Туро ки ганҷ гушӯдӣ зи захми мор чаҳ ғам
ترا که گنج گشودی ز زخم مار چه غم
Чу шохи гул бкФ ояд зи нӯки хорчаҳи ғам
چو شاخ گل بکف آید ز نوک خارچه غم
Агар ҳазор Фъон кардааст булбули маст
اگر هزار فعان کرده است بلبل مست
Чу ғунчаи парда бар андозад аз ҳазор чаҳ ғам
چو غنچه پرده بر اندازد از هزار چه غم
Муоширӣ ки мудом аз қадаҳ гзирш нест
معاشری که مدام از قدح گزیرش نیست
Чу май зи ҷоми фараҳи нӯшад аз хумор чаҳ ғам
چو می ز جام فرح نوشد از خمار چه غم
Дар онзмон ки шавад васли маънавии ҳосил
در آنزمان که شود وصل معنوی حاصل
Басӯрат ар нашӯй зоири мазор чаҳ ғам
بصورت ار نشوی زائر مزار چه غم
Миёни Лайлӣу маҷнӯн чу қурб ҷонӣ ҳаст
میان لیلی و مجنون چو قرب جانی هست
Агар чунонк буд даврии диёр чаҳ ғам
اگر چنانک بود دوری دیار چه غم
з рӯзгор миндишу кор хеш бисоз
ز روزگار میندیش و کار خویش بساز
Чу рӯзгори баромади зи рӯзгор чаҳ ғам
چو روزگار برآمد ز روزگار چه غم
Бзири бори ғам ар паст гаштаам ғам нест
بزیر بار غم ار پست گشته ام غم نیست
Маро ки тарк шутур кардаам зи бор чаҳ ғам
مرا که ترک شتر کرده ام ز بار چه غم
Туро чаҳ ғам буд аз дарди мо ки слтонро
ترا چه غم بود از درد ما که سلطانرا
зи ранҷи хотири дарвеши длФгор чаҳ ғам
ز رنج خاطر درویش دلفگار چه غم
Дарин миён ки гирифтор ишқ шуд хоҷу
درین میان که گرفتار عشق شد خواجو
Гараш мурод наад чарх дар канор чаҳ ғам
گرش مراد نهد چرخ در کنار چه غم