Акнӯн ки аз биҳишт нишон медиҳад насим
اکنون که از بهشت نشان می دهد نسیم
Бинишон ғубори мо бенам соғар эй надим
بنشان غبار ما بنم ساغر ای ندیم
Анфоси дӯстони дамад аз боди бӯстон
انفاس دوستان دمد از باد بوستان
Дар мавсимии чунин ки равони пурвирди насим
در موسمی چنین که روان پرورد نسیم
Номи Наим хулд мабар зонк дар биҳишт
نام نعیم خلد مبر زانک در بهشت
Набӯд варои васли биҳиштии рухони Наим
نبود ورای وصل بهشتی رخان نعیم
Он дард нест бар дили ришам ки то бҳшр
آن درد نیست بر دل ریشم که تا بحشر
Имкони он буд ки алоҷаш кунад ҳаким
امکان آن بود که علاجش کند حکیم
Васлами мадаи биёад ки аҳли ҷҳим ро
وصلم مده بیاد که اهل جحیم را
Андеша ӣ биҳишти азобӣ буд ?илем
اندیشه ی بهشت عذابی بود الیم
Моро умеди раҳмату бим азоб нест
ما را امید رحمت و بیم عذاب نیست
Козод гаштаем зи банди умеду бим
کازاد گشته ایم ز بند امید و بیم
Аз мо Аннани макаш ки хилофи карам буд
از ما عنان مکش که خلاف کرم بود
Гар зонк аз гзои мутанаффир буд Карим
گر زانک از گذا متنفر بود کریم
Мо дар азали ҳадиси ту такрор карда ем
ما در ازل حدیث تو تکرار کرده ایم
Ореи ҳадиси дӯсти каломӣ буд қадим
آری حدیث دوست کلامی بود قدیم
Ширин агар бихари гуҳ хусрав кунад мақом
شیرین اگر به خرگه خسرو کند مقام
Фарҳод дар муҳаббати ширин буд муқӣм
فرهاد در محبت شیرین بود مقیم
Хоҷуи зи сим ашк макун як замони канор
خواجو ز سیم اشک مکن یک زمان کنار
Бошад ки васли дӯст муяссар шавад басем
باشد که وصل دوست میسّر شود بسیم