Аикаҳи гўӣӣ каз чаҳ рӯи саргашта май гардӣ чу гӯй

ایکه گوئی کز چه رو سرگشته می گردی چو گوی

Гӯйро мункир нишоед гашт бо чавгон бигӯӣ

گوی را منکر نشاید گشت با چوگان بگوی

Қоматам шуд чун каманди зулфи мҳрўёни ду то

قامتم شد چون کمند زلف مهرویان دو تا

Бскаҳ меҷӯям дили саргаштаро дар хоки кӯй

بسکه می جویم دل سرگشته را در خاک کوی

Суфиёнро бе май софии нмибошди сафо

صوفیان را بی می صافی نمیباشد صفا

Ҷома ӣ сӯфии баҷоами бода ӣ софӣ бишӯй

جامه ی صوفی بجام باده ی صافی بشوی

Чанд гўӣӣ дар сафи риндон куҷо ҷӯям туро

چند گوئی در صف رندان کجا جویم ترا

Тшнгонро ҳар куҷои обии равони ёбии биҷавӣ

تشنگانرا هر کجا آبی روان یابی بجوی

Соқён хуфтанду риндон ҳамчунон дарҳои ҳои

ساقیان خفتند و رندان همچنان در های های

Мутрибони рафтанду мисатон ҳамчунин дарҳоиу ҳўӣ

مطربان رفتند و مستان همچنین در های و هوی

ИкнФс хоҳам ки бо гули хуш бар оем дар чаман

یکنفس خواهم که با گل خوش بر آیم در چمن

Лек натавонам зи дасти булбул бисёр гӯй

لیک نتوانم ز دست بلبل بسیار گوی

Хештанро аз миёнат боз натавонам шинохт

خویشتن را از میانت باز نتوانم شناخت

Зонк фарқӣ нест аз мӯии миёнат то бмўӣ

زانک فرقی نیست از موی میانت تا بموی

Дил бадастат додаам лекини кадомами дастгоҳ

دل بدستت داده ام لیکن کدامم دستگاه

Хок Кувайт гаштаам аммо кадомами обрӯӣ

خاک کویت گشته ام اما کدامم آبروی

Гар ватан бар чашма ӣ об равонат орзӯаст

گر وطن بر چشمه ی آب روانت آرزوست

Хуш бар о бар гӯша ӣ чашмам чу гул бар тарафи ҷӯй

خوش بر آ بر گوشه ی چشمم چو گل بر طرف جوی

Гар ту бурқаъ май гшоӣии моҳи гӯи дигари мтоб

گر تو برقع می گشائی ماه گو دیگر متاب

Вари ту қомат май нмоӣии сарви гӯи ҳаргизи Марвӣ

ور تو قامت می نمائی سرو گو هرگز مروی

Лоларогар дили баҷоам арғавонӣ ме кашад

لاله را گر دل بجام ارغوانی می کشد

Булбулонро байн чун хоҷуи масту лои иъқли ббўӣ

بلبلان را بین چون خواجو مست و لا یعقل ببوی