эй аз ҳаёии лаъли лабат об гашта май

ای از حیای لعل لبت آب گشته می

Хуршеди пеши оташ рӯй ту карда хуй

خورشید پیش آتش روی تو کرده خوی

Дар Миср то ҳикояти лаъл ту гуфта анд

در مصر تا حکایت لعل تو گفته اند

Дар оташаст шукри мисрии басони не

در آتشست شکّر مصری بسان نی

Шӯри ту дар сари ман шӯрида то бчнд

شور تو در سر من شوریده تا بچند

Доғи ту бар дили ман длхстаҳ то бкӣ

داغ تو بر دل من دلخسته تا بکی

Дар орзӯии лаъли ту байнам ки ҳар нафас

در آرزوی لعل تو بینم که هر نفس

Ҷонам чу ҷом меблб ояд ҳазор пай

جانم چو جام می بلب آید هزار پی

Суҳбатаст ва мо чу наргиси масти ту дар хумор

صحبتست و ما چو نرگس مست تو در خمار

Қуми восқнои алмдомаҳи болсбҳ ё сбӣ

قم واسقُنا المدامة بالصبح یا صبی

Длро ки ҳамчуи тир бурун шуд зи шасти мо

دلرا که همچو تیر برون شد ز شست ما

Сӯии камон абрӯят овардаем пай

سوی کمان ابرویت آورده ایم پی

Аз мо гумон мабар ки туоне шудани ҷудо

از ما گمان مبر که توانی شدن جدا

Зонрў ки офтоб нагардад ҷудои зи фӣ

زانرو که آفتاب نگردد جدا ز فی

Маҷнӯнгараш бхимаҳ Лайлӣ диҳанд роҳ

مجنون گرش بخیمه لیلی دهند راه

То бошадаш ҳаёт наёяд буруни зи ҳӣ

تا باشدش حیات نیاید برون ز حی

Гулро чаҳ ғами зи зории булбул ки дар чаман

گل را چه غم ز زاری بلبل که در چمن

ӯро ҳазор ошиқ зораст ҳамчуи вай

او را هزار عاشق زارست همچو وی

Хоҷуи буқати субҳи қадаҳи каш ки офтоб

خواجو بوقت صبح قدح کش که آفتاب

Монанди зарра рақс кунад аз нишот май

مانند ذره رقص کند از نشاط می