Аикаҳ аз боғи рисолат чу ту шамшоди нхост
ایکه از باغ رسالت چو تو شمشاد نخاست
Кори исломи зи болой баландат болост
کار اسلام ز بالای بلندت بالاست
Шакли гесуӣу даҳони ту басӯрат ҳомӣам
شکل گیسوی و دهان تو بصورت حامیم
Ҳарфи маншури ҷалоли ту бмънӣ тоҳост
حرف منشور جلال تو بمعنی طاهاست
Шаб ки доғи хати ҳиндӯӣ ту дорад чу балол
شب که داغ خط هندوی تو دارد چو بلال
Дилаш аз турраи анбари шиканат пар савдост
دلش از طرّه عنبر شکنت پر سوداست
Замзам аз хиҷлати алфози ту ғарқ арақаст
زمزم از خجلت الفاظ تو غرق عرقست
Марва аз партави анвори ту дар айн сафост
مروه از پرتو انوار تو در عین صفاست
Ҳар ки ӯ муштарӣати гашти зи ҳаии толеъи саъд
هر که او مشتریت گشت ز هی طالع سعد
Вонк дар меҳри ту чун моҳи биФзўди бкост
وانک در مهر تو چون ماه بیفزود بکاست
Пеши он сунбули мишкӣни абири афшонат
پیش آن سنبل مشکین عبیر افشانت
Сухани нофа ӣ тотор нагӯям ки хатост
سخن نافه ی تاتار نگویم که خطاست
Дар шаби қадари хирад бо хам гесуят гуфт
در شب قدر خرد با خم گیسویت گفت
« аикаҳ аз ҳар сари мӯии ту дилии андрўост »
«ایکه از هر سر موی تو دلی اندرواست»
Аз ту мўӣӣ бҷҳонӣ натавон додан аз онк
از تو موئی بجهانی نتوان دادن از آنک
« як сари мӯии туро ҳар ду ҷаҳон ним баҳост »
«یک سر موی ترا هر دو جهان نیم بهاست»
Қатра ӣ ӣии бахши зи дарёии шафоати мо ро
قطره ی ئی بخش ز دریای شفاعت ما را
Коби сарчашма ӣ меҳрати сухани дилкаши мост
کاب سرچشمه ی مهرت سخن دلکش ماست
Дар ту бастем бики мӯии дил аз ҳар ду ҷаҳон
در تو بستیم بیک موی دل از هر دو جهان
Ки бики мӯии ту кори ду ҷаҳон гардад рост
که بیک موی تو کار دو جهان گردد راست
Макун аз хок дар хеши ҷудои хоҷу ро
مکن از خاک در خویش جدا خواجو را
Ки буд хоки раҳи онкас ки зи кӯй ту ҷудост
که بود خاک ره آنکس که ز کوی تو جداست