Рӯй замину хӯни дилами нам гирифта аст
روی زمین و خون دلم نم گرفته است
Пушти фалаки зи бори ғамами хам гирифта аст
پشت فلک ز بار غمم خم گرفته است
Ашкам чаҳ дидааст ки монанди хӯнён
اشکم چه دیده است که مانند خونیان
Пайвастаи домани ман пари ғам гирифта аст
پیوسته دامن من پر غم گرفته است
Мискини дилам ки ҳалқа ӣ онзлФи тобдор
مسکین دلم که حلقه ی آنزلف تابدار
Бигирифт ва ғофиласт ки арқм гирифта аст
بگرفت و غافلست که ارقم گرفته است
Анфоси рӯҳи мидмд аз боди субҳдам
انفاس روح میدمد از باد صبحدم
Гўӣӣ ки буии исои Марям гирифта аст
گوئی که بوی عیسی مریم گرفته است
Чун ҷом мегирифтнигорам замона гуфт
چون جام می گرفت نگارم زمانه گفت
Хуршеди байн ки моҳи муҳаррам гирифта аст
خورشید بین که ماه محرم گرفته است
Ҳамдами биҷузи суроҳеу ҷом шароб нест
همدم بجز صراحی و جام شراب نیست
Хуррам касе ки домани ҳамдам гирифта аст
خرم کسی که دامن همدم گرفته است
Ҳар кӯи зи даст ёр гирифтаст ҷом май
هر کو ز دست یار گرفتست جام می
Равшан бидон ки мамлакати ҷам гирифта аст
روشن بدان که مملکت جم گرفته است
Малик дилам гирифту бҷўрш хароб кард
ملک دلم گرفت و بجورش خراب کرد
Оре ғариб нест магар кам гирифта аст
آری غریب نیست مگر کم گرفته است
Хоҷуи з по даромад ва ҳеҷаш бадаст нест
خواجو ز پا درآمد و هیچش بدست نیست
Ҷузи домани умед ки муҳкам гирифта аст
جز دامن امید که محکم گرفته است
Аз ваии мтоб рӯй ки монанди офтоб
از وی متاب روی که مانند آفتاب
Теғ забон кашидау олам гирифта аст
تیغ زبان کشیده و عالم گرفته است