Бабўсатон ҷамолат баҳор бисёраст

به بوستان جمالت بهار بسیار است

Валек бо гули васли ту хор бисёраст

ولیک با گل وصل تو خار بسیار است

Мудоми чашми ту махмур ва нотавон хуфтаст

مدام چشم تو مخمور و ناتوان خفته است

Чаҳ ҳолатаст ки ӯро хумор бисёраст

چه حالت است که او را خمار بسیار است

Мем зи лаъли дили аФрўздаҳ ки ҷон афзост

می‌ام ز لعل دل‌افروز ده که جان افزاست

Вагарнаи ҷом мехушгувор бисёраст

وگرنه جام می خوشگوار بسیار است

Хати ғубор чаҳ ҳоҷат бигард рухсорат

خط غبار چه حاجت به گِردِ رخسارت

Ки аз ту бар дили мо худ ғубор бисёраст

که از تو بر دل ما خود غبار بسیار است

Марои биҷои ту эй ёри ёр дигар нест

مرا به جای تو ای یار یار دیگر نیست

Вале туро чу ман хаста ёр бисёраст

ولی ترا چو من خسته یار بسیار است

Брўзгори магари ҳол дил кунам тақрир

به روزگار مگر حال دل کنم تقریر

Ки бар дилами ситам рӯзгор бисёраст

که بر دلم ستم روزگار بسیار است

зи хӯни дида ӣ Фарҳоди пораҳои ақиқ

ز خون دیدهٔ فرهاد پاره‌های عقیق

Ҳануз бар камар кӯҳсор бисёраст

هنوز بر کمر کوهسار بسیار است

Сафири булбули табъами шинав ва гарна ббоғ

صفیر بلبل طبعم شنو وگرنه به باغ

Навой қамарӣу бонг ҳазор бисёраст

نوای قمری و بانگ هزار بسیار است

Чаҳ обрӯӣ буд бар дар ту хоҷу ро

چه آبروی بود بر در تو خواجو را

Ки дар раҳи ту чу ӯ хоксор бисёраст

که در ره تو چو او خاکسار بسیار است