Сӯфии софӣ агар ҷом мушаъшаъ накушуд
صوفی صافی اگر جام مشعشع نکشد
Бори дроъаҳи кӯҳлӣ муламмаъ накушуд
بار دُرّاعه کُحلی ملمّع نکشد
Хоссаи ин мавсими дилҷӯй ки ҷуз бар лаби ҷӯй
خاصه این موسم دلجوی که جز بر لب جوی
Наргис аз соғари зари ҷом мушаъшаъ накушуд
نرگس از ساغر زر جام مشعشع نکشد
Лоларо байн ки зи шингарф бар авроқи чаман
لاله را بین که ز شنگرف بر اوراق چمن
Ҳеҷ наққоши чунон шакл мураббаъ накушуд
هیچ نقاش چنان شکل مربع نکشد
Дар срдўши дарахтони чамани кас чу баҳор
در سردوش درختان چمن کس چو بهار
Шақаи ҷқаҳи гулрез мурассаъ накушуд
شقّه جقّه گلریز مرصع نکشد
Настарани хирқаи кофурӣ аз онру дар бохт
نسترن خرقه کافوری از آنرو در باخت
Ки сабо ҳар нафасаши ҷайб мураққаъ накушуд
که صبا هر نفسش جیب مرقع نکشد
Шоҳиди боғ агараш майл гулистон бошад
شاهد باغ اگرش میل گلستان باشد
Аз чамани рахти баҳри маҷлис ва маҷмаъ накушуд
از چمن رخت بهر مجلس و مجمع نکشد
Наргиси маст чу аз хоби сараш бар ноед
نرگس مست چو از خواب سرش بر ناید
Натавонад ки кунун рахт бмзҷъ накушуд
نتواند که کنون رخت بمضجع نکشد
Бед то бар сар манба накушуд теғи хилоф
بید تا بر سر منبع نکشد تیغ خلاف
Бод аз оби зира дар бар манба накушуд
باد از آب زره در بر منبع نکشد
Дар чамани булбули длсўхтаҳро бе рухи гул
در چمن بلبل دلسوخته را بی رخ گل
Дил бмнбъ наравад майл бмшръ накушуд
دل بمنبع نرود میل بمشرع نکشد
Ғунча аз лутф ба насрин баданӣ мемонад
غنچه از لطف به نسرین بدنی میماند
Ки таниши меҳнати яктоӣ мақта накушуд
که تنش محنت یکتای مقطع نکشد
Гар арӯси чаман аз ҳуҷра наёяд берун
گر عروس چمن از حجره نیاید بیرون
Ҳар дамаши боди сабои гӯша Муқаннаъ накушуд
هر دمش باد صبا گوشه مقنع نکشد
Сабза чун дид ки гул рӯй бсҳро оварад
سبزه چون دید که گل روی بصحرا آورد
Фарши фирӯза чаро бар лаб мснъ накушуд
فرش فیروزه چرا بر لب مصنع نکشد
Мутриби чанги зани он ба ки биҷузи фасли баҳор
مطرب چنگ زن آن به که بجز فصل بهار
Раги он пери сияҳи гесуӣ аслъ накушуд
رگ آن پیر سیه گیسوی اصلع نکشد
Нашунидем зи ушшоқ касе каши наврӯз
نشنیدیم ز عشّاق کسی کش نوروز
Майли хотири бинагорин мбрқъ накушуд
میل خاطر بنگارین مبرقع نکشد
Агар аз ғайрат булбул шавад огаҳи дами субҳ
اگر از غیرت بلبل شود آگه دم صبح
Аз рухи шоҳиди гули гӯша бурқаъ накушуд
از رخ شاهد گل گوشه برقع نکشد
Дар чамани лолаи ҳмрои қадаҳи бода ӣ лаъл
در چمن لاله حمرا قدح باده ی لعل
Ҷузи биёади малики аўръ арўъ накушуд
جز بیاد ملک اورع اروع نکشد
Умда ӣ малики насири дувалу дайн ки сипеҳр
عمده ی ملک نصیر دول و دین که سپهر
Гардан аз чанбар ӯ тавсан мисра накушуд
گردن از چنبر او توسن مصرع نکشد
Осмони майл ба тқбил ҳнобш дорад
آسمان میل به تقبیل حنابش دارد
Чаҳ кунад рокъ араш майл бмркъ накушуд
چه کند راکع ارش میل بمرکع نکشد
Ҳар ки хоки каф поиш накушуд дар дида
هر که خاک کف پایش نکشد در دیده
Майл дар чашми шаҳи чарх мсбъ накушуд
میل در چشم شه چرخ مُسبّع نکشد
Сари зи ҳукмаши натавонад ки кашад пери сипеҳр
سر ز حکمش نتواند که کشد پیر سپهر
Зонк томъи сари таслими з мтмъ накушуд
زانک طامع سر تسلیم ز مطمع نکشد
эй ки ҳар кас ки на дар пой ту андозад сар
ای که هر کس که نه در پای تو اندازد سر
Сари таъзими барин торам арФъ накушуд
سر تعظیم برین طارم ارفع نکشد
Хизр бо хок ҷанобат Чехияанд оби ҳиўаҳ
خضر با خاک جنابت چکند آب حیوة
Конки сероб буд меҳнат мҷръ накушуд
کانک سیراب بود محنت مجرع نکشد
Гар на фаррош ту бошад шаҳи гарданкаши чарх
گر نه فرّاش تو باشد شه گردنکش چرخ
Фарши зарбафти барин қаср мтбъ накушуд
فرش زربفت برین قصر متبّع نکشد
Дар адами фитнаи бадӯрон ту хуфтаст оре
در عدم فتنه بدوران تو خفتست آری
Ҳарки ҳоҷъ набӯд рахт бммҷъ накушуд
هرکه هاجع نبود رخت بممجع نکشد
Абр агар файзи кафи баҳр нўолт бинад
ابر اگر فیض کف بحر نوالت بیند
Аз ҳаёи пардаи барин сатҳ мрФъ накушуд
از حیا پرده برین سطح مُرفع نکشد
Аҷаб аз чарх ки бо вусъати саҳни ҳурмат
عجب از چرخ که با وسعت صحن حرمت
Қалами насхи барин сатҳ мувассаъ накушуд
قلم نسخ برین سطح موسع نکشد
Дар мдиҳт чу кашами асби фасоҳат дар заррин
در مدیحت چو کشم اسب فصاحت در زرین
Аҷаб ар ғошияам ибн мқФъ накушуд
عجب ار غاشیه ام ابن مُقفّع نکشد
Нақл мекард фақиҳӣ ки сафеҳӣ мегуфт
نقل می کرد فقیهی که سفیهی میگفت
Зоҳир гуфта хоҷуи бадв мисра накушуд
ظاهر گفته خواجو بدو مصرع نکشد
Зонкгар ӯ бмсли шамъ фурӯзон гардад
زانک گر او بمثل شمع فروزان گردد
Табъ ӯ ҷузи баҳмони далқ мшмъ накушуд
طبع او جز بهمان دلق مشمّع نکشد
Дар бустони маъонӣ чаҳ кушояд ки дарав
در بستان معانی چه گشاید که درو
Аз набототи бикдстаҳ нънъ накушуд
از نباتات بیکدسته نعنع نکشد
Хостам то фиканам Рахши бмидони ҷидол
خواستم تا فکنم رخش بمیدان جدال
Ки дилами ғуссаи ин амр мшнъ накушуд
که دلم غصه این امر مُشنّع نکشد
Конк дар баҳри хиради моҳӣ зўолнўн гардад
کانک در بحر خرد ماهی ذوالنون گردد
Ранҷи оби шимуру меҳнат зФдъ накушуд
رنج آب شمر و محنت ضفدع نکشد
Вонк дар олами дили азм саёҳат дорад
وانک در عالم دل عزم سیاحت دارد
Ноқа аз марҳалаи амн бмФзъ накушуд
ناقه از مرحله امن بمفزع نکشد
Сояи ӣӣ бар сари ин банда мазлӯм андоз
سایه ئی بر سر این بنده مظلوم انداز
То з ҳар сифлаи ҷафоҳои мнўъ накушуд
تا ز هر سفله جفاهای منوّع نکشد
Бо чунин саъдии толеъ ки агар шамс шавам
با چنین سعدی طالع که اگر شمس شوم
Дили ман зарраи ӣӣ аз садр бмтлъ накушуд
دل من ذرّه ئی از صدر بمطلع نکشد
То биҷузи моштаҳ ӣ наУмия аз сабза касе
تا بجز ماشطه ی نامیه از سبزه کسی
Васмаи баробари ваии зангорӣ мазраъ накушуд
وسمه برابر وی زنگاری مزرع نکشد
Боди пайвастаи сарати сабз ки ҷуз бо душман
باد پیوسته سرت سبز که جز با دشمن
Хизри теғи ту забон аз сар мқръ накушуд
خضر تیغ تو زبان از سر مقرع نکشد
Васфи шамшери ту зонрўӣ дар охир гуфтам
وصف شمشیر تو زانروی در آخر گفتم
Ки адуяти сари таслими з мақта накушуд
که عدویت سر تسلیم ز مقطع نکشد