Мррнои бҷръоءу алнҷми илмъ
مررنا بجرعآء و النجم یلمع
Роинои маҳёи кбдри тбрқъ
راینا محیا کبدر تبرقع
Ба вақте ки будем бо корвонӣ
به وقتی که بودیم با کاروانی
Рух оварда дар роҳу дили сӯии мзмъ
رخ آورده در راه و دل سوی مزمع
Чу мо дар раседем дар ме фиканданд
چو ما در رسیدیم در می فکندند
Сутуни хайёми ғўонии зи мураққаъ
ستون خیام غوانی ز مرقع
Дар ақсоӣ наҷаду брории фитода
در اقصای نجد و براری فتاده
Садои Нидои мунодии зи мураббаъ
صدای ندای منادی ز مربع
Ҳўорӣ ниҳоданд рӯ дар иморӣ
حواری نهادند رو در عماری
Ҳамаи ҳоҷъ ва карда оҳанги мҳҷъ
همه هاجع و کرده آهنگ مهجع
Баромади хиромони тзрўии зи гулшан
برآمد خرامان تذروی ز گلشن
Чу товуси шарқии барин сабзи мартаъ
چو طاووس شرقی برین سبز مرتع
Ҷамолаши мунаввари хаёлаши мусаввир
جمالش منور خیالش مصوّر
Ъинодаши мнўъи вдодши ммтъ
عنادش منوع ودادش ممتّع
Ба ҷаъди зирагар ҳамаи шӯру фитна
به جعد زره گر همه شور و فتنه
Ба ҷазаъи синони каши ҳамаи макру мхдъ
به جزع سنان کش همه مکر و مخدع
Мухолиф ба қавл ва ба талъати нигорин
مخالف به قول و به طلعت نگارین
Ҳумоюн ба фол ва ба оризи мбрқъ
همایون به فال و به عارض مبرقع
Чу ма дар бар афкандаи дебои чархӣ
چو مه در بر افکنده دیبای چرخی
Чу хур бар сари афкандаи пирӯзи Муқаннаъ
چو خور بر سر افکنده پیروز مقنع
Ду нозири манозир ки анзри алино
دو ناظر مناظر که اُنظُر الینا
Ду лаб дар табассум ки мнои таматтуъ
دو لب در تبسُّم که منّا تمتع
зи лаълаши бишорат ки ҳин лои таваққуф
ز لعلش بشارت که هین لا توقف
зи чашмаши ишорат ки ҳони лои таваққуъ
ز چشمش اشارت که هان لا توقّع
Гумонами чунон буд каз чоҳи Нахшаб
گمانم چنان بود کز چاه نخشب
Баромади шаби тираи моҳи Муқаннаъ
برآمد شب تیره ماه مقنع
Задам чанг дар вай ки ё мҳҷтии қФ
زدم چنگ در وی که یا مهجتی قف
Бузади бонг бар ман ки ё муддаии дъ
بزد بانگ بر من که یا مدعی دع
Чу маъюси гаштам ту гуфтӣ ки будам
چو مأیوس گشتم تو گفتی که بودم
Ман хастаи мсрўъ ва он арсаи мисра
من خسته مصروع و آن عرصه مصرع
Дўоъии ман сурба сар шуд маъаттал
دواعی من سربهسر شد معطل
Масоъии ман як ба як шуд мзиъ
مساعی من یک به یک شد مضیع
Бирафтанд ва ман зор ва мискин бимонадам
برفتند و من زار و مسکین بماندم
Ҷигари ташна ва гашта ғоиби зи мҷръ
جگر تشنه و گشته غایب ز مجرع
Чу қосид ки маҳрӯм монад зи мақсад
چو قاصد که محروم ماند ز مقصد
Чу томъ ки маъюс монад зи мтмъ
چو طامع که مأیوس ماند ز مطمع
Нишони паии корвон бар гирифтам
نشان پی کاروان بر گرفتم
Дили хастаи машъуфу хотири мўзъ
دل خسته مشعوف و خاطر موزّع
Чу шамъи фурӯзон шудаи далқи шамъӣ
چو شمع فروزان شده دلق شمعی
зи хунобаи ашки гармами мшмъ
ز خونابهٔ اشک گرمم مشمّع
Фитодам зи ркбу мрокби муҷаррад
فتادم ز رکب و مراکب مجرد
Бимонадам зи раҳлу мароҳили мақта
بماندم ز رحل و مراحل مقطع
Шабу рӯз чун бод раҳ ме буридам
شب و روز چون باد ره میبریدم
На хавфи музират на умеди мнФъ
نه خوف مضرّت نه امید منفع
Парешону рӯҳии ман алқлби аҳзн
پریشان و روحی من القلب احزن
Хурушону қалбии ман алрўҳи аФҷъ
خروشان و قلبی من الروح افجع
Кони аллёлии ман алдҳри атўл
کان اللیالی من الدهر اطول
Ва арзи алФёФии ман аларзи аўсъ
و عرض الفیافی من الارض اوسع
Шабӣ буд қмро ва аз меҳри он ма
شبی بود قمرا و از مهر آن مه
Гусастаи марои ақди парвини зи мдмъ
گسسته مرا عقد پروین ز مدمع
Сипеҳри сияҳ рӯй кӯҳлии салб ро
سپهر سیه روی کُحلی سلب را
Зоклил бар ҷабҳаи тоҷи мурассаъ
زاکلیل بر جبهه تاج مرصع
Ҳамаи раҳи вуҳушу ҳамаи кӯҳи мувҳиш
همه ره وحوش و همه کوه موحش
Ҳамаи сӯи махуфу ҳамаи дашти мФзъ
همه سو مخوف و همه دشت مفزع
На диёри манзили падед ва на мавқиф
نه دیار منزل پدید و نه موقف
На осори мнҳҷи падед ва на мкръ
نه آثار منهج پدید و نه مکرع
Ман хастаи аташон ва аз тоби меҳрам
من خسته عطشان و از تاب مهرم
Шудаи мардуми дидаро дидаи муламмаъ
شده مردم دیده را دیده ملمع
Сипеда чу бар санг зад ташти заррин
سپیده چو بر سنگ زد طشت زرین
Сари тоси чарх аз сиёҳӣ шуд ақръ
سر طاس چرخ از سیاهی شد اقرع
Хурӯши хурӯси сҳрхўон бар омад
خروش خروس سحرخوان بر آمد
Чу мешуд ғроби шаби тираи абқъ
چو می شد غراب شب تیره ابقع
Бихандед субҳи мазҳаби ҳамоил
بخندید صبح مذهب حمایل
Барин чархи зани пери нилии мураққаъ
برین چرخ زن پیر نیلی مرقع
Расидам ба ҳе чу бустони ҷинат
رسیدم به حیی چو بستان جنت
Ҳавояши мрўҳи сафояши мнўъ
هوایش مروّح صفایش منوع
Садои сафири ънодли мукаррар
صدای صفیر عنادل مکرر
Навой нафири блобли мусаҷҷаъ
نوای نفیر بلابل مسجع
Хайёми кўоъби барои канофи бидо
خیام کواعب برا کناف بیدا
Изоми сўоҳб бар атрофи мснъ
عظام صواحب بر اطراف مصنع
?ҳеҷони мтоё бар арҳоءи мръӣ
هجان مطایا بر ارحاء مرعی
Ҳрири аколб дар ақсои мсбъ
هریر اکالب در اقصای مسبع
Бут хеш дидам чу рӯҳи муҷассам
بت خویش دیدم چو روح مجسم
Фрўҳштаҳи зулф ва дар афкандаи бурқаъ
فروهشته زلف و در افکنده برقع
Чу Кебекии хромндаҳ бар гирди машраб
چو کبکی خرامنده بر گرد مشرب
Чун сарвӣ равон гашта бар тарафи мшръ
چون سروی روان گشته بر طرف مشرع
Чаҳ Мӯсо шудам восили таври қурбат
چه موسی شدم واصل طور قربت
Шунидам хатое ки наалейк Фохлъ
شنیدم خطایی که نعلیک فاخلع
Буриш дар намози омадам гарчи шръо
برش در نماز آمدم گرچه شرعا
Буд пеши хури саҷдаи амреи мшнъ
بود پیش خور سجده امری مشنع
Ба сад лоба гуфтам ки дорам таваққуъ
به صد لابه گفتم که دارم توقع
Ки гуяд қабули туами лои тФҷъ
که گوید قبول توام لا تفجع
Рӯм дар паии ишқи волъқли инҳӣ
روم در پی عشق والعقل ینهی
Шавам тобеъи сабру алъшқи имнъ
شوم تابع صبر و العشق یمنع
Гарми сари фурӯди ореу даст гирӣ
گرم سر فرود آری و دست گیری
Шавам хокпои ту аз роҳи мзръ
شوم خاکپای تو از راه مضرع
Бигуфто кадомӣ ту гуфтам гадоӣ
بگفتا کدامی تو گفتم گدایی
зи даргоҳи махдуми аъло арўъ
ز درگاه مخدوم اعلی اروع
Ғиоси дували умдаи малику миллат
غیاث دول عمده ملک و ملت
Амири кабӣри ҷаҳонгири аўръ
امیر کبیر جهانگیر اورع
Дар рӯм дар банд ӯ то ба қбчоқ
در روم در بند او تا به قبچاق
Раҳи ҳинди омн аз ӯ то ба брдъ
ره هند آمِن از او تا به بردع
Паноҳи мулӯки офтоби мамолик
پناه ملوک آفتاب ممالک
Зиҳии сарваронро ҷаноби ту мзҷъ
زهی سروران را جناب تو مضجع
Ба исм ва ба феъл ва ба ҳарфии Муҳамад
به اسم و به فعل و به حرفی محمد
Ба рой ва ба қасд ва ба қадре мрФъ
به رای و به قصد و به قدری مرفع
АсоФл дар айёми адлати аъолӣ
اسافل در ایام عدلت اعالی
АФозл ба даврони ҷоҳати мавқе
افاضل به دوران جاهت موقع
Малики обиду боргоҳи ту маъбад
ملک عابد و بارگاه تو معبد
Фалаки рокъу остони ту мркъ
فلک راکع و آستان تو مرکع
Шмўси зафарро синони ту машриқ
شموس ظفر را سنان تو مشرق
Ба даври ҳунарро бенон ту матлаъ
به دور هنر را بنان تو مطلع
Мунираст хуршеду рои ту анвар
منیرست خورشید و رای تو انور
Рафеъаст гардуну қадари ту арФъ
رفیعست گردون و قدر تو ارفع
Қавӣаст пели дмон ва ту ақўӣ
قوی است پیل دمان و تو اقوی
Шуҷоъаст шери жён ва ту ашҷъ
شجاعست شیر ژیان و تو اشجع
зи нури замири ту пери фалак ро
ز نور ضمیر تو پیر فلک را
Шавад домани далқи кӯҳлии муламмаъ
شود دامن دلق کُحلی ملمع
Ту онӣ кисозӣ зи чархи мудаввар
تو آنی که سازی ز چرخ مدور
Ба захми сари теғи шаклии мураббаъ
به زخم سر تیغ شکلی مربع
зи амрат ҳар онкўи тамарруди намояд
ز امرت هر آنکو تمرد نماید
Биёбад зи меҳри ту тқриъу мқмъ
بیابد ز مهر تو تقریع و مقمع
Ҳадиси ҳасудат чаҳ гӯям ки бошад
حدیث حسودت چه گویم که باشد
Сари мори афъии сазовори мқръ
سر مار افعی سزاوار مقرع
Касе кӯи бадонаш буд баҳри зохр
کسی کو بدانش بود بحر زاخر
Кунад пеши тимсоҳи таъзими зФдъ
کند پیش تمساح تعظیم ضفدع
Ало то замини осмони рости марказ
الا تا زمین آسمان راست مرکز
Чу ?данеи дуни кохрти рости мазраъ
چو دنیی دون کاخرت راست مزرع
Ҳёзи риёзи зафарро мабодо
حیاض ریاض ظفر را مبادا
Ба ҷузи чашмаи теғи тези ту манба
به جز چشمهٔ تیغ تیز تو منبع
Мусаххари туу ҷоҳу рифъати мусаххар
مسخِر تو و جاه و رفعت مسخَر
Ммттъи туу умру давлати ммтъ
ممتِتع تو و عمر و دولت ممتع
Ба теғати сари хасми бодои бурӣда
به تیغت سر خصم بادا بریده
Казин ба нишоед расӣдан ба мақта
کزین به نشاید رسیدن به مقطع