эй чаманро гул аз он оризи зебои марсум
ای چمن را گل از آن عارض زیبا مرسوم
Ваии садафро дар аз он мантиқ гуё марсум
وی صدف را دُر از آن منطق گویا مرسوم
Ҳар шаб аз мардумаки дидаи ахтари боРом
هر شب از مردمک دیده اختر بارم
Фалак сар задаро ақди сурайёи марсум
فلک سر زده را عقد ثریا مرسوم
Дидаи бонони сиришки ман шаби паймо ро
دیده بانان سرشک من شب پیما را
Риштаҳои дар носуфтаи зи дарёи марсум
رشته های دُر ناسفته ز دریا مرسوم
Тўтёнро ки бширин суханӣ мансӯбанд
طوطیانرا که بشیرین سخنی منسوبند
Қӯти ҷон зон лаби ширини шкрхои марсум
قوت جان زان لب شیرین شکرخا مرسوم
Машъали афрӯзи шабистони фалак яъне моҳ
مشعل افروز شبستان فلک یعنی ماه
Партави меҳраш аз он ғарра ӣ ғрои марсум
پرتو مهرش از آن غره ی غرّا مرسوم
Боди глбўӣ ки ӯ атр фуруш чаманаст
باد گلبوی که او عطر فروش چمنست
Нофа ӣ чинаш аз он зулфи самани сои марсум
نافه ی چینش از آن زلف سمن سا مرسوم
Сокини майкада ӣ чашми қадаҳи гири маро
ساکن میکده ی چشم قدح گیر مرا
Бсбўҳии зи дили сӯхтаи саҳбои марсум
بصبوحی ز دل سوخته صهبا مرسوم
Абри кӯи ҷавҳарии руста бозор ҳаёст
ابر کو جوهری رسته بازار حیاست
Дорад аз дида ӣ мо лؤлؤи лолои марсум
دارد از دیده ی ما لؤلؤ لالا مرسوم
эй бҳнгоми шукри ханда ширин гашта
ای بهنگام شکر خنده شیرین گشته
Қандро аз лаби ширини ту ҳалвои марсум
قند را از لب شیرین تو حلوا مرسوم
Шаби ҳинду сифати шомии зангӣ вааш ро
شب هند و صفت شامی زنگی وش را
Дода сайёра аз он ҷаъди шаби осои марсум
داده سیاره از آن جعد شب آسا مرسوم
Хатат аз зери сари зулфи сияҳ чун бинмуд
خطت از زیر سر زلف سیه چون بنمود
Моҳро гашти аён дар шаби ялдои марсум
ماه را گشت عیان در شب یلدا مرسوم
Он на хатаст сўдоист ки бар дафтари меҳр
آن نه خطست سودایست که بر دفتر مهر
Сабт карданд баноми ман шайдои марсум
ثبت کردند بنام من شیدا مرسوم
То навиштаст бриҳони гули бустони ҷалол
تا نوشتست بریحان گل بستان جلال
Боғро бар варақи лолаи ҳмрои марсум
باغ را بر ورق لاله حمرا مرسوم
Шамси дайни осифи ҷами мартаба ӣ Хизри бақо
شمس دین آصف جم مرتبه ی خضر بقا
Ки саборо буд аз ваии дами исои марсум
که صبا را بود از وی دم عیسی مرسوم
Анк ҳар рӯзи дурустии зар хонӣ дорад
انک هر روز درستی زر خانی دارد
Субҳи равшандил аз онҳзрти улёи марсум
صبح روشندل از آنحضرت علیا مرسوم
Калаки мишкӣни хат Мисряш кунад рӯзи барот
کلک مشکین خط مصریش کند روز برات
Шаб савдо зада аз анбари Сорои марсум
شب سودا زده از عنبر سارا مرسوم
эй туро ҳар нафас аз ғояти таъзиму ҷалол
ای ترا هر نفس از غایت تعظیم و جلال
Шарафии дигари азин қасри мълои марсум
شرفی دیگر ازین قصر معلا مرسوم
Ҷони ширин ки буд хусрави иқлӣми бадан
جان شیرین که بود خسرو اقلیم بدن
Карда дилро зи мдиҳи ту муҳайёи марсум
کرده دل را ز مدیح تو مهیا مرسوم
Равшанони фалаки кажи рӯи саргардон ро
روشنان فلک کژ رو سرگردان را
Аз ғубори қидмати кӯҳли масеҳои марсум
از غبار قدمت کحل مسیحا مرسوم
намепрессатон тарабхона ӣ иқболи туро
می پرستان طربخانه ی اقبال ترا
Ҷоми ёқӯтии азин қубба ӣ минои марсум
جام یاقوتی ازین قبّه ی مینا مرسوم
Дода дар ӯҳдаи азали соҳиби девони қазо
داده در عهده ازل صاحب دیوان قضا
Бгдоён дарат маликати дорои марсум
بگدایان درت ملکت دارا مرسوم
Чархро дар кнФи ҷӯади ту аз хусрави шарқ
چرخ را در کنف جود تو از خسرو شرق
Ҳар саҳари перҳани шамъии волои марсум
هر سحر پیرهن شمعی والا مرسوم
Тири длдўзи ҷигари сӯзи ғуломони туро
تیر دلدوز جگر سوز غلامان ترا
Дода миррӣхи бхўни дили аъдои марсум
داده مریخ بخون دل اعدا مرسوم
Қайсари қасри забарҷад чу гадоёни имрӯз
قیصر قصر زبرجد چو گدایان امروز
Карда аз рои мунири ту таваллои марсум
کرده از رای منیر تو تولّا مرسوم
Аз шабистони дили тира хасмат дода
از شبستان دل تیره خصمت داده
Ҳиндӯии чархи бшоми сияҳи осои марсум
هندوی چرخ بشام سیه آسا مرسوم
Шақаи Фстқӣ аз рой ту дорад ҳар сол
شقّه فستقی از رای تو دارد هر سال
Шох бе барги тиҳии дасти мърои марсум
شاخ بی برگ تهی دست معرّا مرسوم
Бадараи бадари боқибол ту ёбад ҳар моҳ
بدره بدر باقبال تو یابد هر ماه
Даври ошуфтаи дил аз олами болои марсум
دور آشفته دل از عالم بالا مرسوم
Гандуми мазраъаи чархи бимни ?назарет
گندم مزرعه چرخ بیمن نظرت
Карда аз хирмани маи соҳиби ҷавзои марсум
کرده از خرمن مه صاحب جوزا مرسوم
Соҳбои қурб ду соласт ки аз бандагӣат
صاحبا قرب دو سالست که از بندگیت
Нараседаст бад-ӣн бесар ва бе пои марсум
نرسیدست بدین بی سر و بی پا مرسوم
Дӯш мегуфт умеди карамат бо дили ман
دوش می گفت امید کرمت با دل من
Каз ту ихлосу дъогўӣӣ ва аз мо марсум
کز تو اخلاص و دعاگوئی و از ما مرسوم
Чаҳ фитодаст ки бо чокари деринаи хеш
چه فتادست که با چاکر دیرینه خویش
Баҳамаи навъ назар карда ӣии алои марсум
بهمه نوع نظر کرده ئی الا مرسوم
Гарчи анъом ту омаст вале донад чарх
گرچه انعام تو عامست ولی داند چرخ
Ки зи анъоми басии фарқ буд то марсум
که ز انعام بسی فرق بود تا مرسوم
Расми ихлоси ту чун бандаи бтқдими расонад
رسم اخلاص تو چون بنده بتقدیم رساند
Кунад аз ходими ҷӯади ту тақозои марсум
کند از خادم جود تو تقاضا مرسوم
То чаҳ кардам ки аз онҳзрт олӣ нарасад
تا چه کردم که از آنحضرت عالی نرسد
Бмни муфлис меҳнат зада қатъан марсум
بمن مفلس محنت زده قطعاً مرسوم
Хурдаи ӣии гурзи ман аз бехурдӣ содир шуд
خرده ئی گرز من از بی خردی صادر شد
Домани афв бар он пӯш ва бифармо марсум
دامن عفو بر آن پوش و بفرما مرسوم
То буд лолаи рухони уфуқи ғарбӣ ро
تا بود لاله رخان افق غربی را
Аз шафақи бода ӣ гулранги мсФии марсум
از شفق باده ی گلرنگ مصفی مرسوم
Ҳамаи он бод ки соқии сахоӣ ту диҳад
همه آن باد که ساقی سخای تو دهد
Соилонрои зи ақиқи тарабафзо марсум
سایلانرا ز عقیق طرب افزا مرسوم
Бар маҷории замони ҳукми равонати нофиз
بر مجاری زمان حکم روانت نافذ
То бмои аҷрӣу идрори диҳӣ ё марсум
تا بما اجری و ادرار دهی یا مرسوم