Дӯш чун мавкиби султон хаёлаш барисед
دوش چون موکب سلطان خیالش برسید
Ашкам аз дидаи равон то сар роҳаш бадвед
اشکم از دیده روان تا سر راهش بدوید
Хостам то бинивисам суханӣ аз дили риш
خواستم تا بنویسم سخنی از دل ریش
Қаламамро зи сари теғи забони хӯни бчкд
قلمم را ز سر تیغ زبان خون بچکد
Нашунидем ки нишнид маломати Фарҳод
نشنیدیم که نشنید ملامت فرهاد
То ҳадис аз лаби ҷонпарвар ширин бишунид
تا حدیث از لب جان پرور شیرین بشنید
Дилами абрӯии туро май талабади пайваста
دلم ابروی ترا می طلبد پیوسته
Моҳи нав гарчи шаб ва рӯз набояд талабед
ماه نو گرچه شب و روز نباید طلبید
Хати мишкӣн ки наботаст бигард шукрат
خط مشکین که نباتست بگرد شکرت
То чаҳ дўдист ки дар оташ рӯй ту расед
تا چه دودیست که در آتش روی تو رسید
Чашми бадро нафаси субҳдам аз ғояти меҳр
چشم بد را نفس صبحدم از غایت مهر
Оятӣ дар рух чун моҳи тамом ту дамид
آیتی در رخ چون ماه تمام تو دمید
Хурдаи бинӣ ки кунад даъвии соҳиби назарӣ
خرده بینی که کند دعوی صاحب نظری
Гар надид аз даҳанати як сари мӯ ҳеҷ надид
گر ندید از دهنت یک سر مو هیچ ندید
Халъати ишқи ту бар қомати дили байнами рост
خلعت عشق تو بر قامت دل بینم راست
Лекини ин турфа ки пайваста бибояд пӯшед
لیکن این طرفه که پیوسته بباید پوشید
То аз он ҳиндӯии занҷирии кофар чаҳ кашад
تا از آن هندوی زنجیری کافر چه کشد
Дили хоҷу ки бабанд сари зулф ту кашид
دل خواجو که ببند سر زلف تو کشید