Биор бода ки шаб зулматасту шоҳиди нур
بیار باده که شب ظلمتست و شاهد نور
Шароби кавсару маҷлиси биҳишту соқии ҳур
شراب کوثر و مجلس بهشت و ساقی حور
Камӣни ходима ӣ базмгоҳи мости нишот
کمین خادمه ی بزمگاه ماست نشاط
Кҳинаҳи ходими хлўтсрои мости сарвар
کهینه خادم خلوتسرای ماست سرور
Муаттараст димоғи муоширони зи бухор
معطّرست دماغ معاشران ز بخار
Мънбрсти машоми сабӯҳён з бихӯр
معنبرست مشام صبوحیان ز بخور
Бабанд ходими айвон дар сароча ки мо
ببند خادم ایوان در سراچه که ما
Бадваст мштғлиму зғири дӯсти нФўр
بدوست مشتغلیم و زغیر دوست نفور
Знўри ишқ бар афрӯзи шамъи манзари дил
زنور عشق بر افروز شمع منظر دل
Бҳкми онки ма аз меҳр май пазиради нур
بحکم آنک مه از مهر می پذیرد نور
Дилӣ ки ҳамдами мурғони лн тароне нест
دلی که همدم مرغان لن ترانی نیست
Куҷо бигӯаш вай ояд сафири тоири тавр
کجا بگوش وی آید صفیر طایر طور
Марои зи майкадаи парҳез кардани аўлитр
مرا ز میکده پرهیز کردن اولیتر
Ки гуфтаанд ба парҳез ба шавад ранҷур
که گفته اند به پرهیز به شود رنجور
Вале чунин ки манам бихўд аз шароби аласт
ولی چنین که منم بیخود از شراب الست
Бҳўш боз ниёем магар ба рӯз нашӯр
بهوش باز نیایم مگر به روز نشور
зи шукри ту марои сабр ба ки ширинӣ
ز شکّر تو مرا صبر به که شیرینی
Табиб манъ кунад аз табиати мҳрўр
طبیب منع کند از طبیعت محرور
Вале зи лаъли ту сабрам хилоф имконаст
ولی ز لعل تو صبرم خلاف امکانست
Ки мепараст набошад зи ҷоми бодаи сабур
که می پرست نباشد ز جام باده صبور
Фурӯғи чеҳраи ?ут аз тоби турраи пиндорӣ
فروغ چهره ات از تاب طرّه پنداری
Ки офтоб шавад толеъ аз шаби диҷўр
که آفتاب شود طالع از شب دیجور
Чаҳ давр бошад арат зарра ӣӣ набошад меҳр
چه دور باشد ارت ذره ئی نباشد مهر
Ки моҳи чордаҳи доими з меҳр бошад давр
که ماه چارده دایم ز مهر باشد دور
Биравӣ ҳмнФсии хуш буд назари врнӣ
بروی همنفسی خوش بود نظر ورنی
зи нозирӣ чаҳ таматтуъ ки набӯдаш манзур
ز ناظری چه تمتّع که نبودش منظور
зи ҷоми ишқи ту хоҷуи чунин ки маст афтод
ز جام عشق تو خواجو چنین که مست افتاد
Бурузи ҳашари сар аз хок барканд махмур
بروز حشر سر از خاک برکند مخمور