Мғнии вақт он омад ки бинавозӣ рубоб
مغنّی وقت آن آمد که بنوازی رباب
Сабӯҳаст эй бут соқӣ бидиҳ ҷоми шароб
صبوحست ای بت ساقی بده جام شراب
Агар мардуми бшўӣидм ба оби чашми ҷом
اگر مردم بشوئیدم به آب چشم جام
Вагар даврами бхўонидм ба овози рубоб
وگر دورم بخوانیدم به آواز رباب
Фалак дар хӯн ҷонам рафту модари хӯни дил
فلک در خون جانم رفت و مادر خون دل
Май лаъли оби корами барад ва мо дар кори об
می لعل آب کارم برد و ما در کار آب
Маро бар қавли мутриби гӯшу мутриб дар самоъ
مرا بر قول مطرب گوش و مطرب در سماع
Ман аз бодоми соқии масту соқии масти хоб
من از بادام ساقی مست و ساقی مست خواب
Чу ҳиндӯи зулфи дӯди осоӣ ӯ оташ нишин
چو هندو زلف دود آسای او آتش نشین
Чу тӯтии лаъли шукри хоӣ ӯ ширини ҷавоб
چو طوطی لعل شکّر خای او شیرین جواب
Дил аз чашмами бФрёдсту чашм аз дасти дил
دل از چشمم بفریادست و چشم از دست دل
Ки ҳам пар уқобаст офати ҷони уқоб
که هم پر عقابست آفت جان عقاب
Кабобам аз дили пари хӯн буд вақти сабӯҳ
کبابم از دل پر خون بود وقت صبوح
Ки масти ишқро набӯд бурун аз дили кабоб
که مست عشق را نبود برون از دل کباب
Сари Кувайти зи оби чашми маҳҷӯрони Фурот
سر کویت ز آب چشم مهجوران فرات
Сари ангушти бхўни ҷони муштоқони хизоб
سرانگشتت بخون جان مشتاقان خضاب
Дилам чун мор май печади зи меҳрам сар мапӣч
دلم چون مار می پیچد ز مهرم سر مپیچ
Рахт чун моҳи митобди зи хоҷуи рухи мтоб
رخت چون ماه میتابد ز خواجو رخ متاب