Чу ҷоми лаъли ту нӯшам куҷо бимонад ҳуш
چو جام لعل تو نوشم کجا بماند هوش
Чу масти чашми ту гирдами маро ки дорад гӯш
چو مست چشم تو گردم مرا که دارد گوش
Манам ғуломи ту вар зонк аз ман озодӣ
منم غلام تو ور زانک از من آزادی
Марои бкўзаҳи кашони шробхонаҳи фуруш
مرا بکوزه کشان شرابخانه فروش
Ббўии онки зхмхонаҳи кӯза ӣӣ ёбам
ببوی آنک زخمخانه کوزه ئی یابم
Рӯми сабуии хроботёни кашам бар дӯш
روم سبوی خراباتیان کشم بر دوش
зи шавқи лаъли ту саққои кӯии михўорон
ز شوق لعل تو سقّای کوی میخواران
Бидида об занад остони бодаи фуруш
بدیده آب زند آستان باده فروش
Маро магӯӣ ки хомӯш бошу дами даракаш
مرا مگوی که خاموش باش و دم درکش
Ки дар чаман натавон гуфт мурғро ки хамӯш
که در چمن نتوان گفت مرغ را که خموش
Агар нишон ту ҷӯям кадоми сабру қарор
اگر نشان تو جویم کدام صبر و قرار
Вагар ҳадис ту гӯям кадоми тоқату ҳуш
وگر حدیث تو گویم کدام طاقت و هوش
Макун насиҳат ва аз ман мадори чашми салоҳ
مکن نصیحت و از من مدار چشم صلاح
Ки ман бқўли насиҳат кунон надорам гӯш
که من بقول نصیحت کنان ندارم گوش
Шароби пухтаи бхомони дил фусурда диҳед
شراب پخته بخامان دل فسرده دهید
Ки бода оташ тезасту пухтагон дар ҷӯш
که باده آتش تیزست و پختگان در جوش
Наими равза ӣ ризвони бзўқ он нарасад
نعیم روضه ی رضوان بذوق آن نرسد
Ки ёр нӯш кунад бода ва ту гўӣии нӯш
که یار نوش کند باده و تو گوئی نوش
Маро чу халъати султон ишқ ме доданд
مرا چو خلعت سلطان عشق می دادند
Нидо заданд ки хоҷу хамӯш бош ва бапуш
ندا زدند که خواجو خموش باش و بپوش
Месерум нашавад хомшӣ ки дар бустон
میسّرم نشود خامشی که در بستان
Навой булбули маст аз тараннумасту хурӯш
نوای بلبل مست از ترّنمست و خروش