Май дирами ҷома ва аз муддаӣон май пӯшам
می درم جامه و از مدعیان می پوشم
намехӯрам ҷомӣу заҳрии бгмон май нӯшам
می خورم جامی و زهری بگمان می نوشم
Ман чу аз бодаи гулранги сияҳ рӯй шудам
من چو از باده گلرنگ سیه روی شدم
Чаҳ ғам аз мавъиза ӣ зоҳиди азрақи пӯшам
چه غم از موعظه ی زاهد ازرق پوشم
Ҳар ки аз мастӣ ва девонагӣам наҳй кунад
هر که از مستی و دیوانگیم نهی کند
Гӯ бирав бо дгарии гӯй ки ман биҳушам
گو برو با دگری گوی که من بیهوشم
Бода май нӯшам ва аз оташи дил май ҷӯшам
باده می نوشم و از آتش دل می جوشم
Магари он об чу оташ бинишонад ҷӯшам
مگر آن آب چو آتش بنشاند جوشم
Ҳар дам эй шамъ чаро сари дили ореи бзбон
هر دم ای شمع چرا سرّ دل آری بزبان
На ман сӯхта хӯн мехӯраму хомӯшам
نه من سوخته خون میخورم و خاموشم
Мутриби пардаи саро чун бихарошад руки чанг
مطرب پرده سرا چون بخراشد رک چنگ
Натавонам ки ман сӯхта дил нахурӯшам
نتوانم که من سوخته دل نخروشم
Доманами дӯшгар аз хӯни ҷигар пар ме шуд
دامنم دوش گر از خون جگر پر می شد
Ин чаҳ сайласт ки имшаб бигузашт аз дӯшам
این چه سیلست که امشب بگذشت از دوشم
ё раби он бодаи нӯшин з куҷо овараданд
یا رب آن باده نوشین ز کجا آوردند
Ки чунон масти ббрднди зи маҷлиси дӯшам
که چنان مست ببردند ز مجلس دوشم
Чун ман аз пой дар афтодам ва аз даст шудам
چون من از پای در افتادم و از دست شدم
Дорам аз лутфи ту он чашм ки дории гӯшам
دارم از لطف تو آن چشم که داری گوشم
Тоқати бори фироқ ту надорам лекин
طاقت بار فراق تو ندارم لیکن
Чун фитодам чаканам май кашам ва ме кӯшам
چون فتادم چکنم می کشم و می کوشم
Ҳамчуи хоҷуи ду ҷаҳони битў бикҷу нахуррам
همچو خواجو دو جهان بیتو بیکجو نخرم
Вази ту мўӣии баҳамаи малик ҷаҳон нафурӯшам
وز تو موئی بهمه ملک جهان نفروشم