Бо рӯй чун гулнораш аз барги самани бози омадам
با روی چون گلنارش از برگ سمن باز آمدم
Бо зулфи ънбрборш аз машки хутани бози омадам
با زلف عنبربارش از مشک ختن باز آمدم
То оннигор симбр шуд шамъи айвонӣ дигар
تا آن نگار سیمبر شد شمع ایوانی دگر
Мардум чу шамъи анҷумани вази анҷумани бози омадам
مُردم چو شمع انجمن وز انجمن باز آمدم
Гуфтам бубинам рӯй ӯ ё роҳ ёбам сӯй ӯ
گفتم ببینم روی او یا راه یابم سوی او
Рафтам зи ҷон дар кӯй ӯ вази ҷону тани бози омадам
رفتم ز جان در کوی او وز جان و تن باز آمدم
Аз ишқи он ҷон ҷаҳон бигузаштам аз ҷону ҷаҳон
از عشق آن جان جهان بگذشتم از جان و جهان
Вази меҳри он сарви равон аз норвани бози омадам
وز مهر آن سرو روان از نارون باز آمدم
Чун боди субҳ аз бӯстон оварад буии дӯстон
چون باد صبح از بوستان آورد بوی دوستان
Рафтам зи шавқ аз хештани вази хештани бози омадам
رفتم ز شوق از خویشتن وز خویشتن باز آمدم
То барги гулбарг Рахш дорам надорам барги гул
تا برگ گلبرگ رخش دارم ندارم برگ گل
То омадам дар кӯяш аз тарафи чамани бози омадам
تا آمدم در کویش از طرف چمن باز آمدم
намерафт ва мегуфт эй гадо аз ман бёзрдӣ чаро
می رفت و می گفت ای گدا از من بیازردی چرا
Гар зонк дории моҷарои бозо ки ман бози омадам
گر زانک داری ماجرا بازآ که من باز آمدم
Вақте агар ман пеши азин бо худ зи роҳи бихўдӣ
وقتی اگر من پیش ازین با خود ز راه بیخودی
Гуфтам казу боз оем аз боз омадани бози омадам
گفتم کزو باز آیم از باز آمدن باز آمدم
Хоҷуи бкоми дӯстони сӯии ватан боз омадӣ
خواجو بکام دوستان سوی وطن باز آمدی
эй дӯстон аз омадани сӯии ватани бози омадам
ای دوستان از آمدن سوی وطن باز آمدم