Мааст ё рухи он офтоби мҳроФзоӣ
مهست یا رخ آن آفتاب مهرافزای
Шабаст ё хами он турраи қамари Фрсоӣ
شبست یا خم آن طرّه قمر فرسای
Маро магӯӣ ки дил дар каманд ӯ мФкн
مرا مگوی که دل در کمند او مفکن
Бидоннигор причҳри гӯ ки дили мураббоӣ
بدان نگار پریچهر گو که دل مربای
Чаҳ суди кони ма маҳмил нишин наме гуяд
چه سود کان مه محمل نشین نمی گوید
Ки беш азин мхрўш эй дароӣ ҳарза дароӣ
که بیش ازین مخروش ای درای هرزه درای
Марои бзлФи тўроист аз анки тӯтӣ ро
مرا بزلف تورایست از انک طوطی را
Гумон мабар ки бҳндўстон набошад рой
گمان مبر که بهندوستان نباشد رای
Навой нағма ӣ чангам чаҳ суд чун ҳамаи шаб
نوای نغمه ی چنگم چه سود چون همه شب
Хаёли зулфи туам чанг мезанад дар ноӣ
خیال زلف توام چنگ می زند در نای
Ббўии зулфи сиёҳат ббод додам умр
ببوی زلف سیاهت بباد دادم عمر
Маро ки гуфт ки биншину бод май паймоӣ
مرا که گفت که بنشین و باد می پیمای
Агарчӣ умри манӣ эй шаб сияҳ бигузар
اگرچه عمر منی ای شب سیه بگذر
Ва гарчи ҷони манӣ эй маи ду ҳафта барои
و گرچه جان منی ای مه دو هفته برای
Чу равшанаст ки умри ин ҳама наме поед
چو روشنست که عمر این همه نمی پاید
Маро чу умри азизии ту низ беш мапоӣ
مرا چو عمر عزیزی تو نیز بیش مپای
Хушо бФсли баҳорони фитодаи вақти сабӯҳ
خوشا بفصل بهاران فتاده وقت صبوح
Навой пардаи саро дар ҳавои пардаи сарой
نوای پرده سرا در هوای پرده سرای
Агар хурӯши برارد чу булбулони хоҷу
اگر خروش برآرد چو بلبلان خواجو
Чаҳ ғам хӯрд гули сӯрии зи мурғи нағмаи сарой
چه غم خورد گل سوری ز مرغ نغمه سرای
зи шӯри шукр шеърам навой ишқ зананд
ز شور شکّر شعرم نوای عشق زنند
Бабўсатон сухани тӯтӣони шукри хоӣ
ببوستان سخن طوطیان شکّر خای