Гар ба фиреб май кашии вар ба итоб май кашӣ

گر به فریب می‌کشی ور به عتاب می‌کشی

Дил ба ту мекашад маро зонк латифу дилкашӣ

دل به تو می‌کشد مرا زانک لطیف و دلکشی

Оби ҳаёт май баради лаъли лаб чу оташат

آب حیات می‌برد لعل لب چو آتشت

Воб набот мечакад зон лаби лаъли оташӣ

وآب نبات می‌چکد زان لب لعل آتشی

Ҳосили ман зи хат ту нест ба ҷузи сияҳи рухӣ

حاصل من ز خطّ تو نیست به جز سیه‌رخی

Пояи ман зи зулф ту нест ба ҷузи мушаввашӣ

پایهٔ من ز زلف تو نیست به جز مشوّشی

Тири турои манам ҳадафгар ту хаданг май занӣ

تیر ترا منم هدف گر تو خدنگ می‌زنی

Теғи турои манам сипаргар ту асир май кашӣ

تیغ ترا منم سپر گر تو اسیر می‌کشی

Зулфи ту дар фиреби дил чанд кунад сияҳ гарӣ

زلف تو در فریب دل چند کند سیه‌گری

Чашми ту дар камӣни ҷон чанд кунад кмонкшӣ

چشم تو در کمین جان چند کند کمانکشی

Чун дами хуш наме занам бе лаби лаъли дилкашат

چون دم خوش نمی‌زنم بی لب لعل دلکشت

Бори ғами ту чун кунамгар нкшм ба нохушӣ

بار غم تو چون کنم گر نکشم به ناخوشی

Хоҷу аз оташи Рахши оби рахт ба бод шуд

خواجو از آتش رخش آب رخت به باد شد

Зонк чу зулфи ҳиндӯяш бар сари обу оташӣ

زانک چو زلف هندویش بر سر آب و آتشی