Чу талъати ту маро миннатҳои мақсӯдаст

چو طلعت تو مرا منتهای مقصودست

Биё ки умри ман ин пнҷрўз маъдӯдаст

بیا که عمر من این پنجروز معدودست

Муқӣми кӯии ту гаштам ки остони Аёз

مقیم کوی تو گشتم که آستان ایاز

Бензади аҳли ҳақиқат мақом Маҳмӯдаст

بنزد اهل حقیقت مقام محمودست

Дилами зи меҳр рахт мекашад бзлФи сиёҳ

دلم ز مهر رخت می کشد بزلف سیاه

Чаро ки соя ӣ зулфи ту зилли ммдўдст

چرا که سایه ی زلف تو ظلّ ممدودست

Ман аз висоли ту ъҳдист корзў дорам

من از وصال تو عهدیست کارزو دارم

Ки коми дили бустонам чунонк маъҳудаст

که کام دل بستانم چنانک معهودست

зи бскаҳи дили брбўдӣ чу рӯй бинмудӣ

ز بسکه دل بربودی چو روی بنمودی

Гумон мабар ки дилӣ дар замона мавҷӯдаст

گمان مبر که دلی در زمانه موجودست

Агар чунонк касеро зи ишқи мқсўдист

اگر چنانک کسی را ز عشق مقصودیست

Марои зи ишқи ту мақсӯд тарк мақсӯдаст

مرا ز عشق تو مقصود ترک مقصودست

Дилами зи зулфи ту бар оташаст ва медонам

دلم ز زلف تو بر آتشست و میدانم

Ки сӯзи синаи пари дӯди миҷмар аз авдаст

که سوز سینه پر دود مجمر از عودست

Чаҳ накҳатаст магари буии лола ва саманаст

چه نکهتست مگر بوی لاله و سمنست

Чаҳ замзамаи сети магари банк захма авдаст

چه زمزمه ست مگر بانک زخمه عودست

Агар мурод набахшад ба дӯстони хоҷу

اگر مراد نبخشد به دوستان خواجو

Хамӯш бош ки имсоки некӯони ҷўдст

خموش باش که امساک نیکوان جودست