Туро ки наргиси махмуру зулфи мҳпўшст
ترا که نرگس مخمور و زلف مهپوشست
Вафоу аҳди қадимат магар фаромӯшаст
وفا و عهد قدیمت مگر فراموشست
зи шӯри зулфи ту дӯшами шабии дарози гузашт
ز شور زلف تو دوشم شبی دراز گذشت
Агарчӣ зулфи сиёҳати зиёдат аз дӯшаст
اگرچه زلف سیاهت زیادت از دوشست
Бқсди хӯни дили ман камони абрӯ ро
بقصد خون دل من کمان ابرو را
Кашида чашми ту пайваста то банно гӯшаст
کشیده چشم تو پیوسته تا بنا گوشست
зи тири ғамза ӣ ошиқи каши ту эмин нест
ز تیر غمزه ی عاشق کش تو ایمن نیست
Вагарнаи ҳиндӯии зулфат чаро зира пӯшаст
وگرنه هندوی زلفت چرا زره پوشست
Канори сабза ӣ серобу тарафи ҷӯии мҷўӣ
کنار سبزه ی سیراب و طرف جوی مجوی
Туро ки сабза бар атрофи чашма ӣ нӯшаст
ترا که سبزه بر اطراف چشمه ی نوشست
Чигуна гӯш тавон кард панди соҳиби ҳуш
چگونه گوش توان کرد پند صاحب هوش
Маро ки қавли мғнӣ ҳануз дар гӯшаст
مرا که قول مغنّی هنوز در گوشست
Ҳадиси ҳасани баҳорони з ҳӯшёрон пресс
حدیث حسن بهاران ز هوشیاران پرس
Чаро ки булбули бечораи маст ва мадҳушаст
چرا که بلبل بیچاره مست و مدهوشست
Забони сӯсани озоди байн ки ҳаст дароз
زبان سوسن آزاد بین که هست دراز
Валек бархе озодаи ӣӣ ки хомӯшаст
ولیک برخی آزاده ئی که خاموشست
Ду чашми оҳӯии шери афканаши нигари хоҷу
دو چشم آهوی شیر افکنش نگر خواجو
Ки ҳамчуи бахти ту дар айн хоб харгӯшаст
که همچو بخت تو در عین خواب خرگوشست