Аикаҳи зулфи сияҳат бар гул рӯй ошуфтаст

ایکه زلف سیهت بر گل روی آشفته‌ست

зи оташ рӯй ту оби гул сӯрӣ рафтаст

ز آتش روی تو آب گل سوری رفته‌ست

Дар даҳонат суханаст арча бширин суханӣ

در دهانت سخنست ارچه به شیرین سخنی

Лаби шукри шиканати узр даҳонат гуфтаст

لب شکّر شکنت عذر دهانت گفته‌ست

Ҳамчуи хуршеди рухи андари пас девор мапуаш

همچو خورشید رخ اندر پس دیوار مپوش

Зонка каси чашма ӣ хуршеди бгли ннҳФтст

زانکه کس چشمهٔ خورشید به گل ننهفته‌ست

Дил гум гашта ки бар хок дарат май ҷустам

دل گم گشته که بر خاک درت می‌جستم

Гӯиёи зулф ту дорад ки басӣ ошуфтаст

گوئیا زلف تو دارد که بسی آشفته‌ست

Чун тавонам ки зи Кувайт бмломт биравам

چون توانم که ز کویت به ملامت بروم

Коби чашми омадау доман ман бигирифтаст

کاب چشم آمده و دامن من بگرفته‌ست

Аз сари зулф дарозат накунам кӯтаҳи даст

از سر زلف درازت نکنم کوته دست

Ки баҳри тори сари зулфи ту Марӣ хуфтаст

که به هر تار سر زلف تو ماری خفته‌ست

Эҳтиёҷат бчмн нест ки бар сарви қадат

احتیاجت به چمن نیست که بر سرو قدت

Гул дамидасту ҳамаи солаи баҳори ашкФтст

گل دمیده‌ست و همه ساله بهار اشکفته‌ست

Бскаҳи хоҷуи ҳамаи шаби хоки сари кӯии туро

بس که خواجو همه شب خاک سر کوی ترا

Бадви чашм об фишондаст ва бмжгон рафтаст

به دو چشم آب فشانده‌ست و به مژگان رُفته‌ست

Гар касе гуфт ки шеъраши гуҳари носФтст

گر کسی گفت که شعرش گهر ناسفته‌ست

Чаҳ занад гавҳари носуфта ки гавҳар сифтаст

چه زند گوهر ناسفته که گوهر سفته‌ست