Сипедаи дам ки ҷаҳони буи навбаҳор гирифт

سپیده دم که جهان بوی نوبهار گرفت

Сабои насими сари зулфи он нигор гирифт

صبا نسیم سر زلف آن نگار گرفت

Бгоҳ боми дилам дар навой зер омад

بگاه بام دلم در نوای زیر آمد

Чу булбули саҳарии нолҳоӣ зор гирифт

چو بلبل سحری نالهای زار گرفت

Чу оннигор ҷФопишаҳи даст ман нагирифт

چو آن نگار جفاپیشه دست من نگرفت

Басо ки чеҳраам аз хӯни дил нигор гирифт

بسا که چهره ام از خون دل نگار گرفت

Сиришк буд ки ӯ рӯй мо нигаҳ ме дошт

سرشک بود که او روی ما نگه می داشت

Чаҳ ӯ фитод ки ӯ ҳам зи мо канор гирифт

چه او فتاد که او هم ز ما کنار گرفت

Мгири зулфи сиёҳаши ббўии донаи хол

مگیر زلف سیاهش ببوی دانه خال

Ки баҳр меҳр нишоед миён мор гирифт

که بهر مهر نشاید میان مار گرفت

Дилам чу бе рухи зебоӣ ӯ канор надошт

دلم چو بی رخ زیبای او کنار نداشت

Қарор дар хами он зулф биқрор гирифт

قرار در خم آن زلف بیقرار گرفت

зи рӯзгор на бас буд ҷавру ғуссаи маро

ز روزگار نه بس بود جور و غصّه مرا

Ки чашми шӯхи ту ҳам хуй рӯзгор гирифт

که چشم شوخ تو هم خوی روزگار گرفت

Шиканҷи мӯӣ ту оварад моҳро дар дом

شکنج موی تو آورد ماه را در دام

Каманди зулфи ту хуршедро шикор гирифт

کمند زلف تو خورشید را شکار گرفت

Бихоб наргиси масти ту нотавон дидам

بخواب نرگس مست تو ناتوان دیدم

зи ҷоми бодаи саҳараши магар хумор гирифт

ز جام باده سحرش مگر خمار گرفت

Даруни хотири хоҷуи ҳарими ҳазрати тест

درون خاطر خواجو حریم حضرت تست

Биҷузи ту каси натавонади дарав қарор гирифт

بجز تو کس نتواند درو قرار گرفت