Зиҳии гирифтаи хур аз талъати ту фоли ҷамол

زهی گرفته خور از طلعت تو فال جمال

Нишондаи қади ту дар боғи ҷони ниҳоли ҷамол

نشانده قدّ تو در باغ جان نهال جمال

Навиштаи муншии давони сунъи лами излӣ

نوشته منشی دوان صنع لم یزلی

Бмшк бар варақи лолаи ?ути мисоли ҷамол

بمشک بر ورق لاله ات مثال جمال

Хаёл рӯй ту то дида ам наме равадам

خیال روی تو تا دیده ام نمی رودم

зи дили ҷамоли хаёлу зи сари хаёли ҷамол

ز دل جمال خیال و ز سر خیال جمال

Чу равшанаст ки ҳар рӯзи роз волӣ ҳаст

چو روشنست که هر روز راز والی هست

Мабод рӯй чу рӯзи турои заволи ҷамол

مباد روی چو روز ترا زوال جمال

Касе ки нест чу ман ташнаи ҷамоли ҳарам

کسی که نیست چو من تشنه جمال حرم

Ҳаром бод бирав шарбати зулоли ҷамол

حرام باد برو شربت زلال جمال

Ҳавои ёри ҳмоӣӣ баланд парвозаст

هوای یار همائی بلند پروازست

Ки дар дилам тайрон мекунад биболи ҷамол

که در دلم طیران می کند ببال جمال

Хирад чу дид ки хоҷуи фидоӣ ӯ шуд гуфт

خرد چو دید که خواجو فدای او شد گفت

Зиҳии камоли камолу зиҳии ҷамоли ҷамол

زهی کمال کمال و زهی جمال جمال