Манзил ар ёр қаринаст чаҳ дӯзах чаҳ биҳишт

منزل ار یار قرین است چه دوزخ چه بهشت

Саҷдаи гуҳгар ба ниёзаст чаҳ масҷид чаҳ кунишат

سجده‌گه گر به نیاز است چه مسجد چه کنشت

Ҷои осоиши муштоқ чаҳ ҳомӯн ва чаҳ кӯҳ

جای آسایش مشتاق چه هامون و چه کوه

Раҳзани хотири ушшоқ чаҳ зебо ва чаҳ зишт

رهزن خاطر عشّاق چه زیبا و چه زشت

Ъшқбозӣ на ба бозии сет ки донандаи ғайб

عشقبازی نه به بازی‌ست که دانندهٔ غیب

Ишқ дар тинати одам на ба бозичаи сиришт

عشق در طینت آدم نه به بازیچه سرشت

То чаҳ кардам ки зи бадномӣу расвои ман

تا چه کردم که ز بدنامی و رسوایی من

Сокини дайри Муғонам ба харобот наҳашт

ساکن دیر مغانم به خرابات نهشت

Гар сари турбати ман бози гушойии бинӣ

گر سر تربت من باز گشایی بینی

Қолабами сӯхтау гул шуда аз хӯни ҳамаи хишт

قالبم سوخته و گل شده از خون همه خشت

Ҳамчуи болои ту дар боғ касе сарв надид

همچو بالای تو در باغ کسی سرو ندید

Ҳамчуи рухсори ту деҳқон ба чаман лола накишт

همچو رخسار تو دهقان به چمن لاله نکشت

Бар гул рӯй ту он холи мънбр ки нишонд

بر گل روی تو آن خال معنبر که نشاند

Бар маи оризати он хати мусалсал ки навишт

بر مه عارضت آن خطّ مسلسل که نوشت

Ҳар ки бинад ки ту аз боғи бурун май ое

هر که بیند که تو از باغ برون می‌آیی

Гуяд ин ҳур чаро хайма бурун зад зи биҳишт

گوید این حور چرا خیمه برون زد ز بهشت

То ба чашмати ҳамаи покизаи намояди хоҷу

تا به چشمت همه پاکیزه نماید خواجو

Хоки шӯ бар гузари мардуми покизаи сиришт

خاک شو بر گذر مردم پاکیزه‌سرشت