Ёди боди оншб ки дар маҷлиси хурӯши чанг буд
یاد باد آنشب که در مجلس خروش چنگ بود
Мтрбонрои авд бар созу дафи андари чанг буд
مطربانرا عود بر ساز و دف اندر چنگ بود
Шоҳидон дар рақс буданду ҳарифон дар самоъ
شاهدان در رقص بودند و حریفان در سماع
Вонк ӯ бар хуфтагон глбонк мезад чанг буд
وانک او بر خفتگان گلبانک می زد چنگ بود
Дастгири хастагони ҷом мегулранг шуд
دستگیر خستگان جام می گلرنگ شد
Машраби оташи изорони оби оташи ранг буд
مشرب آتش عذاران آب آتش رنگ بود
Гӯши ҷонам бар самоъи булбулони субҳи хез
گوش جانم بر سماع بلبلان صبح خیز
Чашми ақлам бар ҷамоли глрхони шнг буд
چشم عقلم بر جمال گلرخان شنگ بود
Гарчи сайқал май баради осори занг аз оина
گرچه صیقل می برد آثار زنگ از آینه
Сайқали ойина ӣ ҷонам май чун занг буд
صیقل آئینه ی جانم می چون زنگ بود
Онзмони конмоаҳи рахшони хури ойин рух намӯд
آنزمان کانماه رخشان خور آئین رخ نمود
Боғи пари гулчеҳри гашту кохи пари авранг буд
باغ پر گلچهر گشت و کاخ پر اورنگ بود
Бар ман бедили нбхшўду диламро сайд кард
بر من بیدل نبخشود و دلم را صید کرد
Гӯиё дар шаҳри дилҳои парешони танг буд
گوئیا در شهر دلهای پریشان تنگ بود
Пеши ширини қисса ӣ Фарҳоди мискин кас нагуфт
پیش شیرین قصه ی فرهاد مسکین کس نگفت
ё дили он хусрави хубони хлхи санг буд
یا دل آن خسرو خوبان خلّخ سنگ بود
Мутрибон аз гуфта ӣ хоҷу сурӯдӣ ме заданд
مطربان از گفته ی خواجو سرودی می زدند
Лекини он глрўиро аз номи хоҷуи нанг буд
لیکن آن گلروی را از نام خواجو ننگ بود