Нигорои самани ъорзои длбро
نگارا سمن عارضا دلبرا
Бетаи моҳи руъёи парии пикро
بتا ماهرویا پری پیکرا
Ҷамол ту шамъасту парвонаи дил
جمال تو شمعست و پروانه دل
Ҳавои ту ганҷасту вайронаи дил
هوای تو گنج است و ویرانه دل
Надидам чу пистаи даҳони ту ҳеҷ
ندیدم چو پسته دهان تو هیچ
Нбстми тамаъ дар миёни ту ҳеҷ
نبستم طمع در میان تو هیچ
Даҳони ту ҳамчун миён нест ҳаст
دهان تو همچون میان نیست هست
Вагар зон ки гўӣӣ чунон нест ҳаст
وگر زان که گوئی چنان نیست هست
Вагар субҳ даъвӣ кунад содиқаст
وگر صبح دعوی کند صادقست
Ки бар меҳри рӯят чу ман ошиқаст
که بر مهر رویت چو من عاشقست
Вагар офтобаст равшан бибин
وگر آفتابست روشن ببین
Ки дорад зи меҳрати дили оташин
که دارد ز مهرت دل آتشین
зи симини танат кӯҳ гирад камар
ز سیمین تنت کوه گیرد کمر
Ки худро тавон бар ту бастани магар
که خود را توان بر تو بستن مگر
Маро бе сари зулфат ором нест
مرا بی سر زلفت آرام نیست
Бурун аз ту дилро длором нест
برون از تو دل را دلارام نیست
Вагар чашми маст ту гуяд ки ҳаст
وگر چشم مست تو گوید که هست
Гувоҳӣ нишоед шунидани зи маст
گواهی نشاید شنیدن ز مست
Дурахшони изори ту дар шаби чароғ
درخشان عذار تو در شب چراغ
ДроФшони лабати гавҳари шаби чароғ
درافشان لبت گوهر شب چراغ
Сари зулфи шӯридаи ?ути доми дил
سر زلف شوریدهات دام دل
Лаби лаъли ҷонпарварат коми дил
لب لعل جان پرورت کام دل
Ду зулфати ду ҳиндӯии ънбрФрўш
دو زلفت دو هندوی عنبرفروش
Ду лаълати ду тӯтии шукри фуруш
دو لعلت دو طوطی شکر فروش
Фарибандаи ҷодӯат махмур ҳаст
فریبنده جادوت مخمور هست
Ду ошуфтаи ҳиндӯати оташи параст
دو آشفته هندوت آتشپرست
Ҳабашро зи ҳиндӯии зулфи ту доғ
حبش را ز هندوی زلف تو داغ
Муқӣми оҳӯяти хуфта бар тарафи боғ
مقیم آهویت خفته بر طرف باغ
Дар он зулфи шӯридаи пари шикаст
در آن زلف شوریده پر شکست
Ҳамаи ҳндўоннди оташи параст
همه هندوانند آتشپرست
Диловези мӯят ё мшкноб
دلاویز مویت یا مشکناب
Дили афрӯзи рӯят ё офтоб
دل افروز رویت یا آفتاب
Чу афканди зулфи ту бар оби шаст
چو افکند زلف تو بر آب شست
Чаро ҳамчуи ҳиндӯ бар оташи параст
چرا همچو هندو بر آتشپرست
Камоне чу абрӯии шӯхат ки дид
کمانی چو ابروی شوخت که دید
Ки ҷамшед ӯро нишоед кашид
که جمشید او را نشاید کشید
Сари зулфати ошуфтаи ҳол аз чаҳ рӯаст
سر زلفت آشفته حال از چه روست
Ки моро дили хаста дар банд ӯст
که ما را دل خسته در بند اوست
Чу чашми ту фитнааст гӯ хуфта бош
چو چشم تو فتنه است گو خفته باش
з рӯй ту гӯи оби гул рафта бош
ز روی تو گو آب گل رفته باش
Чаро чашми мастат ба миҳроб шуд
چرا چشم مستت به محراب شد
Ки дар тоқи миҳроб дар хоб шуд
که در طاق محراب در خواب شد
Ту доне ки дар ?наргаст хоб нест
تو دانی که در نرگست خواب نیست
Ки мастаст ва дар хоб ва миҳроб нест
که مستست و در خواب و محراب نیست
Ду абрӯи сар ҳоҷатӣ дорадат
دو ابرو سر حاجتی داردت
Ки пайвастаи сари сӯии гӯши орадат
که پیوسته سر سوی گوش آردت
Дилами қоматат зон таманно кунад
دلم قامتت زان تمنا کند
Ки оташи ҳамаи майл боло кунад
که آتش همه میل بالا کند
Миёни ту ҳамчун даҳон ҳеҷ нест
میان تو همچون دهان هیچ نیست
Туро то камар дар миён ҳеҷ нест
ترا تا کمر در میان هیچ نیست
Туро зон сари фитна ангезӣ аст
ترا زان سر فتنهانگیزی است
Ки чашми ту дар айни хӯн резӣ аст
که چشم تو در عین خونریزی است
Чаро нолам аз зулфи мдпўши ту
چرا نالم از زلف مدپوش تو
Пароканда гаштаст бар дӯши ту
پراکنده گشتست بر دوش تو
Шаби торати умеди машки ттор
شب تارت امید مشک تتار
зи ҳиндӯати сад шӯр дар Зангбор
ز هندوت صد شور در زنگبار
Насимати зи чину шабати рӯзи нӯш
نسیمت ز چین و شبت روز نوش
Чу бозор чин гашта анбари фуруш
چو بازار چین گشته عنبر فروش
Хатат машк буиаст ва худ машки пӯш
خطت مشک بویست و خود مشک پوش
Рахт лФрўзасту лаб май фуруш
رخت لفروز است و لب می فروش
Ба дарёии ишқи ту дурдонаи дил
به دریای عشق تو دردانه دل
зи занҷири зулфи ту девонаи дил
ز زنجیر زلف تو دیوانه دل
Чу дар дастами он зулф саркаш фитод
چو در دستم آن زلف سرکش فتاد
Аз он ҷону тан дар кашокаш фитод
از آن جان و تن در کشاکش فتاد
Турои турра дар айни трорист
ترا طره در عین طراریست
Аз он рӯ ки кораш сияҳ корӣаст
از آن رو که کارش سیه کاریست
Қадам чун камон бошаду дил чу тир
قدم چون کمان باشد و دل چو تیر
Ки тир ва камон бошудам дилпазир
که تیر و کمان باشدم دلپذیر
Макун бар хато пеш барчин заранг
مکن بر خطا پیش برچین زرنگ
Буруни о чу ойинаи чини зи занг
برون آ چو آئینه چین ز زنگ
Буруни о ва дар чашми ман такяи даҳ
برون آ و در چشم من تکیه ده
Ки сарви сеӣ дар лаби чашма ба
که سرو سهی در لب چشمه به
Ту туркӣу холи ту ҳиндӯ чарост
تو ترکی و خال تو هندو چراست
Ки аз ҳиндӯони тарк тозӣ хатост
که از هندوان ترک تازی خطاست
Ту хуш бош кони ҷғд дар оташаст
تو خوش باش کان جغد در آتشست
Ки пайвастаи абрӯӣ хубат хушаст
که پیوسته ابروی خوبت خوشست
Бирафтӣ ва нақшат нарафт аз хаёл
برفتی و نقشت نرفت از خیال
Ки ҷонӣ ва аз ҷон нагирад малол
که جانی و از جان نگیرد ملال
Шабати гирди хуршед олам фурӯз
شبت گرد خورشید عالمفروز
Ҳабаш тохтан кард бар ним рӯз
حبش تاختن کرد بر نیمروز
Шабатро мау меҳр дар ҳиз аст
شبت را مه و مهر در حیز است
Аз он ходими сунбулат анбар аст
از آن خادم سنبلت عنبر است
Даҳони туам дар камони афканд
دهان توام در کمان افکند
Миёни туам дар миёни афканд
میان توام در میان افکند
Ду чашми сиёҳати камондори маст
دو چشم سیاهت کماندار مست
Ки пайвастаи кораши кмондорист
که پیوسته کارش کمانداریست
зи чашми хушати чашми бади даври бод
ز چشم خوشت چشم بد دور باد
Равонами зи ишқи ту пари нури бод
روانم ز عشق تو پر نور باد
Чу дастони он мурғи дастони саро
چو دستان آن مرغ دستان سرا
Шуниданд мисатони бустони саро
شنیدند مستان بستان سرا
Мау мутриб аз даст биниҳод авд
مه و مطرب از دست بنهاد عود
Баромад ба сӯзи дил аз авди дӯд
برآمد به سوز دل از عود دود
Ниҳоданд бар қавл ӯ ҷумлаи гӯш
نهادند بر قول او جمله گوش
Бирафтанд якбораи ҷумлаи зи ҳуш
برفتند یکباره جمله ز هوش
Парии духт аз он хусравонеи сурӯд
پریدخت از آن خسروانی سرود
Бирафт аз дили тангаши ороми зуд
برفت از دل تنگش آرام زود
Рахш дар чамани ҳчўи гули бршгФт
رخش در چمن هچو گل برشگفت
Сари ҳалқа лаъл багушӯд ва гуфт
سر حلقه لعل بگشود و گفت
Ки то посбон шуд тараннуми навоз
که تا پاسبان شد ترنمنواز
Наомад ба худ булбули масти боз
نیامد به خود بلبل مست باز
Чаҳ ҳоласт комшб чунин ме занад
چه حالست کامشب چنین میزند
Ба чӯбаки раҳи ақл ва дайн ме занад
به چوبک ره عقل و دین میزند
Магар чу ман ӯ низ дил дода ист
مگر چو من او نیز دلدادهایست
Дилаш дар каманди призодаҳи ист
دلش در کمند پریزادهایست
Наво ҳар дам аз бенўоӣӣ занад
نوا هر دم از بینوائی زند
Валикини дам аз ошноӣӣ занад
ولیکن دم از آشنائی زند
Яке гуфт булбул ба вақти саҳар
یکی گفت بلبل به وقت سحر
Буд на?ил ?и зор ӯ зортар
بود نال? زار او زارتر
Яке гуфт қамарӣ ба вақти баҳор
یکی گفت قمری به وقت بهار
Бароварда аз субҳи бонги ҳазор
برآورده از صبح بانگ هزار
Яке гуфт мастасту масти хароб
یکی گفت مست است و مست خراب
براردи фиғон чун наёбади шароб
برآرد فغان چون نیابد شراب
Яке гуфт ар зон ки дарвеши маст
یکی گفت ار زان که درویش مست
Чаҳ дармон ки кораш бурун шуд зи даст
چه درمان که کارش برون شد ز دست
Яке гуфт чӯбаки зани боми мо
یکی گفت چوبک زن بام ما
Магар гашта ошиқ ба айёми мо
مگر گشته عاشق به ایام ما
Дамӣ бар сурӯдаш ниҳоданд гӯш
دمی بر سرودش نهادند گوش
Баромади зи мурғи суроҳеи хурӯш
برآمد ز مرغ صراحی خروش
Май талх дар соғар андохтанд
می تلخ در ساغر انداختند
зи лаби шер дар шукр андохтанд
ز لب شیر در شکر انداختند
Фалаки шиша май чу бар санг зад
فلک شیشه می چو بر سنگ زد
Бути чанги зани чанг дар чанг зад
بت چنگ زن چنگ در چنگ زد
Чу ӯ нолаи зи айвон ба кайвони расонад
چو او ناله ز ایوان به کیوان رساند
Ки соми он ғазалро ба поёни расонад
که سام آن غزل را به پایان رساند
Замонӣ бигардед бар тарафи бом
زمانی بگردید بر طرف بام
Пас онгаҳ баромад чу моҳи тамом
پس آنگه برآمد چو ماه تمام
зи равзани назар дар шабистон фиканд
ز روزن نظر در شبستان فکند
Дилаши оташи сина дар ҷон фиканд
دلش آتش سینه در جان فکند
зи айвони биҳиштии пар аз ҳур дид
ز ایوان بهشتی پر از حور دید
зи наздикяши чашми бад давр дид
ز نزدیکیش چشم بد دور دید
Самани оризони чеҳраи ороста
سمن عارضان چهره آراسته
Сари зулф бар гули бпиростаҳ
سر زلف بر گل بپیراسته
Нўосози мисатони навои сохта
نواساز مستان نوا ساخته
Тараннум ба торам дарандохта
ترنم به طارم درانداخته
Чу мурғи саҳар дар самоъи омада
چو مرغ سحر در سماع آمده
Вале турраи шан дар низои омада
ولی طرهشان در نزاع آمده
Навои бонг бар ним мисатон зада
نوا بانگ بر نیم مستان زده
Қадаҳи ханда бар мепрессатон зада
قدح خنده بر میپرستان زده
Маи дилбарони шоҳи маи пайкарон
مه دلبران شاه مه پیکران
Бути глрхони сарв симин барон
بت گلرخان سرو سیمین بران
Ба авранг заррин нишаста чу моҳ
به اورنگ زرین نشسته چو ماه
Фрўҳштаҳ аз чеҳраи шеъри сиёҳ
فروهشته از چهره شعر سیاه
ДроФкндаҳ дар зулфи мишкӣни гиреҳ
درافکنده در زلف مشکین گره
БроФкндаҳ бар барги насрини зира
برافکنده بر برگ نسرینزره
Чу танги шукр дар шкргўн паранд
چو تنگ شکر در شکرگون پرند
Шукри рехта аз намакдон ба қанд
شکر ریخته از نمکدان به قند
Гуҳии қавл ушшоқ мекард гӯш
گهی قول عشاق میکرد گوش
Гуҳии бода лаъл мекард нӯш
گهی باده لعل میکرد نوش
Насимаши гиреҳ дар хам мӯ фиканд
نسیمش گره در خم مو فکند
Сари зулфаш аз чеҳраи як сўФкнд
سر زلفش از چهره یک سوفکند
Ту гуфтӣ шаби тираи рухшандаи моҳ
تو گفتی شب تیره رخشنده ماه
Ба даромад аз зери абри сиёҳ
به درآمد از زیر ابر سیاه
Бути чанги зани чанг дар равад зад
بت چنگ زن چنگ در رود زد
Ду то чашми дилбари дам аз равад зад
دو تا چشم دلبر دم از رود زد
Бгрӣид чун шамъ бар кори хеш
بگرئید چون شمع بر کار خویش
Бихандед бар гиряи зори хеш
بخندید بر گریه زار خویش