Сарояндаи деҳқон бо фару ком
سراینده دهقان با فر و کام
Сухан ронад зини сони зи фархундаи сом
سخن راند زینسان ز فرخنده سام
Ки чун гашти чира ба фағфури чин
که چون گشت چیره به فغفور چین
Саҳаргоҳ шуд бо далерони кин
سحرگاه شد با دلیران کین
Яке ҳафта бо сарварони шод буд
یکی هفته با سروران شاد بود
Шабу рӯз аз андӯҳи озод буд
شب و روز از اندوه آزاد بود
з месурх гардӣда бади чеҳра аш
ز می سرخ گردیده بد چهرهاش
Вале бепариваш набад баҳра аш
ولی بیپریوش نبد بهرهاش
Чаҳ хуш гуфт деҳқони волои гуҳар
چه خوش گفت دهقان والا گهر
Худованди ойину фару ҳунар
خداوند آئین و فر و هنر
Ки бода ҳаромаст бе рӯй ёр
که باده حرامست بی روی یار
Чаҳ дар базми дарвеш ва чаҳ шаҳриёр
چه در بزم درویش و چه شهریار
Аз он ҳафтаи соми он чунон зор шуд
از آن هفته سام آن چنان زار شد
Ки аз ҷом ва аз бода безор шуд
که از جام و از باده بیزار شد
Шаби ҳаштум аз ҳиҷри дилдори хеш
شب هشتم از هجر دلدار خویش
Дили соми нирм дар он буд риш
دل سام نیرم در آن بود ریش
зи афсуни он ҷодӯии ҳила гар
ز افسون آن جادوی حیلهگر
Басии хӯн дил меЧехияанд аз ҷигар
بسی خون دل میچکاند از جگر
Казон сони фиребӣ намӯдор кард
کزان سان فریبی نمودار کرد
Ба ҳиҷрони ёрам гирифтор кард
به هجران یارم گرفتار کرد
Дар он гуфтугӯ буд он шери нар
در آن گفتگو بود آن شیر نر
Ки овозӣ омад аз он бум ва бар
که آوازی آمد از آن بوم و بر
зи ногуҳи призод афсун намой
ز ناگه پریزاد افسون نمای
Биёмад бар паҳлуи поки рой
بیامد بر پهلو پاک رای
Дуо кард ва гуфташ ки эй номвар
دعا کرد و گفتش که ای نامور
Макун ёд рӯй париваш дигар
مکن یاد روی پریوش دگر
Ки аз шаки ту ман буридам равон
که از شک تو من بریدم روان
Бирав шуд ҳамаи мурғу моҳии навон
برو شد همه مرغ و ماهی نوان
Сазадгар дил аз ваии буруни бркнӣ
سزد گر دل از وی برون برکنی
Ҳамаи чанг дар домани ман занӣ
همه چنگ در دامن من زنی
Казу меҳр баргирӣ эй сарфароз
کزو مهر برگیری ای سرفراز
Дамодам аз он пас ту бо ман бисоз
دمادم از آن پس تو با من بساز
Марои ёри доне ва родӣ кунӣ
مرا یار دانی و رادی کنی
Ба хилвати шабу рӯз шодӣ кунӣ
به خلوت شب و روز شادی کنی
Барошуфт азуи соми озодаи хуй
برآشفت ازو سام آزاده خوی
Аз он пас бадв гуфт к-эии моҳрӯӣ
از آن پس بدو گفت کای ماهروی
зи афсуни замонии рух худ битоб
ز افسون زمانی رخ خود بتاب
Аз он пас намои рух ба ман бе ҳиҷоб
از آن پس نما رخ به من بیحجاب
Бидон то бубинами рахт бе диранг
بدان تا ببینم رخت بیدرنگ
Ба бар дркшми нахли қади ту танг
به بر درکشم نخل قد تو تنگ
Парӣ зод бинмуд рух чун ба сом
پریزاد بنمود رخ چون به سام
Дили сом бо ӯ нашуд ҳеҷ ром
دل سام با او نشد هیچ رام
Дилаш буд дар банди он моҳ рӯй
دلش بود در بند آن ماهروی
намешуд ба афсуни намои мҳрҷўӣ
نمیشد به افسوننما مهرجوی
Ҷаҳони ҷӯ чу рӯй париро бидид
جهانجو چو روی پری را بدید
Бисоти сухани зин нишон густаред
بساط سخن زین نشان گسترید
Ки байнам чу рухсораи маҳвашам
که بینم چو رخساره مهوشم
Аз он пас турои ман ба бар дркшм
از آن پس ترا من به بر درکشم
Чу зу он призоди афсуни намо
چو زو آن پریزاد افسوننما
Шунид ин сухан андар омад зи ҷо
شنید این سخن اندر آمد ز جا
Бадв гуфт агар аҳд ва паймон кунӣ
بدو گفت اگر عهد و پیمان کنی
Марои мушкили дили ту осмон кунӣ
مرا مشکل دل تو آسمان کنی
Биорам парӣ рӯйро аз ниҳон
بیارم پری روی را از نهان
Марои шодсозӣ ту эй меҳрбон
مرا شاد سازی تو ای مهربان
Ба паймони дилатро агар нест рой
به پیمان دلت را اگر نیست رای
Дигар менабинӣ ту он дилрабоӣ
دگر مینبینی تو آن دلربای
Сипаҳбад чу бишунид гуфтор ӯ
سپهبد چو بشنید گفتار او
Чунин дод посухи сазовор ӯ
چنین داد پاسخ سزاوار او
Ки чун моҳўшро бубинами дамӣ
که چون ماهوش را ببینم دمی
Нахустин биҷӯем зи ту хуррамӣ
نخستین بجویم ز تو خرمی
Дили олам афрӯз гардид шод
دل عالم افروز گردید شاد
Бурун омад аз хайма монанди бод
برون آمد از خیمه مانند باد
Бузади бол ва бар шуд ба рӯй ҳаво
بزد بال و بر شد به روی هوا
Ки оради самани буиро бози ҷо
که آرد سمنبوی را باز جا
Фаровон бар афроз дарё парид
فراوان بر افراز دریا پرید
зи сандӯқи маи рӯ нишоне надид
ز صندوق مهرو نشانی ندید
Надонист кӯро чаҳ омад ба пеш
ندانست کو را چه آمد به پیش
Дилаш ношикеб шуд аз бахти хеш
دلش ناشکیبا شد از بخت خویش