эй гули рӯят буд мижгон ба чашмами хорҳо

ای گل رویت بود مژگان به چشمم خارها

Сад моҳи канъонӣ барам чун нақш бар деворҳо

صد ماه کنعانی برم چون نقش بر دیوارها

Аҳволи озори марои пурсида будӣ аз карам

احوال آزار مرا پرسیده بودی از کرم

Саҳласт бо ҳиҷри ту бар ҷони сахтии озорҳо

سهل است با هجر تو بر جان سختی آزارها

Лек аз вуфӯри интизор , шуд чашми гирёнами чаҳор

لیک از وفور انتظار، شد چشم گریانم چهار

Шояд кунад он ғмгсор , ғами хории беморҳо

شاید کند آن غمگسار، غم خواری بیمارها

Но омаданро тири бим аз таъни мардум ваҷҳ нест

نا آمدن را تیر بیم از طعن مردم وجه نیست

Ҳастанд софии тинатони ории зи айб ва орҳо

هستند صافی‌طینتان عاری ز عیب و عارها

Набӯд тафовути пеши ман аз номдн то омадан

نبود تفاوت پیش من از نامدن تا آمدن

Ин бас ки холид дар дилати бории гузашт аз борҳо

این بس که خالد در دلت باری گذشت از بارها