эй гашта ман фигор бе ту
ای گشته من فگار بی تو
Навмеди зи зиндагонии хеш
نومید ز زندگانی خویش
Зорам чу кашӣ ба дарди ҳиҷрон
زارم چو کشی به درد هجران
Май тарс аз навҷуонеи хеш
می ترس از نوجوانی خویش
То чанд фаррошам гузорӣ
تا چند فراشم گذاری
Ёди ори зи меҳрбонии хеш
یاد آر ز مهربانی خویش
То бе ту нзистм , накардам
تا بی تو نزیستم، نکردم
Иқрор ба сахти ҷонии хеш
اقرار به سخت جانی خویش
Худ гӯй ки бо ки гӯям охир ?
خود گوی که با که گویم آخر؟
Шарҳи ?илам наоне хеш
شرح الم نهانی خویش
Бози ой ки баҳри ту гузаштам
باز آی که بهر تو گذشتم
Аз матлаби ду ҷаҳонии хеш
از مطلب دو جهانی خویش
То чархи туро зи ман бурӣда аст
تا چرخ تو را ز من بریده است
Шодаст ба нуктаи донеи хеш
شاد است به نکته دانی خویش
Ёқӯб ба кунҷи ғами гирифтор
یعقوب به کنج غم گرفتار
Юсуф ба ҷаҳони сетонеи хеш
یوسف به جهان ستانی خویش
Ҷоно ба саодатӣ ки дорӣ
جانا به سعادتی که داری
Раҳми ор ба ёри ҷонии хеш
رحم آر به یار جانی خویش
Дарёб ки бе ту гашти холид
دریاب که بی تو گشت خالد
Безори зи зиндагонии хеш
بیزار ز زندگانی خویش