Тоби рӯят ба фурӯғи ма тобон монад

تاب رویت به فروغ مه تابان ماند

Сари зулфат ба шаби тира ҳиҷрон монад

سر زلفت به شب تیرهٔ هجران ماند

Гар ба ин қомату рухсор ба гулзори ое

گر به این قامت و رخسار به گلزار آیی

Сарви по дар гулу гули сар ба гиребон монад

سرو پا در گِل و گُل سر به گریبان ماند

намезанад лофи сукӯни ақл вале чашми тўош

می زند لاف سکون عقل ولی چشم تواش

Ба тариқии барад аз роҳ ки ҳайрон монад

به طریقی برد از راه که حیران ماند

Дили ошуфтаи худро ба таманнои рахт

دل آشفتهٔ خود را به تمنّای رخت

Ҷамъ дорам агар он зулф парешон монад

جمع دارم اگر آن زلف پریشان ماند

Оқибат гуфт ба мардуми сухани рози ман ашк

عاقبت گفت به مردم سخنِ راز من اشک

Рози ошиқ суханӣ нест ки пинҳон монад

راز عاشق سخنی نیست که پنهان ماند

эй хаёлии шаб меҳнат гузарад тира машав

ای خیالی شب محنت گذرد تیره مشو

Ҳеҷ ҳоле чу надидем ки яксон монад

هیچ حالی چو ندیدیم که یکسان ماند