То зи хоки қидмати боди хабар май орад
تا ز خاک قَدَمَت باد خبر میآرد
Серумаро дидаи куҷои пеши назар май орад
سرمه را دیده کجا پیش نظر میآرد
Боди садбори сари зулфи туро ҷониби рух
باد صدبار سر زلف تو را جانب رخ
Май барад то ки шабиро ба саҳар май орад
میبرد تا که شبی را به سحر میآرد
Ҳар муаммо ки ба сад хӯн ҷигар гуфт дилам
هر معمّا که به صد خون جگر گفت دلم
Ашк меояд ва чун об ба дар май орад
اشک میآید و چون آب به در میآرد
По манеҳ бар сари он раҳгузар эй дили густох
پا منه بر سرِ آن رهگذر ای دل گستاخ
Сарви моро чу аз ин роҳи гузар май орад
سروِ ما را چو از این راه گذر میآرد
Ҳар шабии ашки хаёлии зи раҳи дарёи бор
هر شبی اشک خیالی ز ره دریا بار
Пеши каш назд хаёли ту гуҳар май орад
پیش کش نزد خیال تو گهر میآرد