Дили ҷафои хатат аз давр қамар ме донад

دل جفای خطت از دور قمر می‌داند

Фитнаи чашми туро айн назар ме донад

فتنهٔ چشم تو را عین نظر می‌داند

Ончии дӯш аз ситами зулфи ту бар ман бигузашт

آنچه دوش از ستم زلف تو بر من بگذشت

Гар ту огоҳи Неи бод саҳар ме донад

گر تو آگاه نیی باد سحر می‌داند

Гирди Кувайт чу сабо бесрўпо ме гардад

گِرد کویت چو صبا بی‌سروپا می‌گردد

Ҳарки дар роҳи ғамати пои з сар ме донад

هرکه در راه غمت پای ز سر می‌داند

Гуфтамаш рӯ ки ту чизи дгарии ҳури Не

گفتمش رو که تو چیز دگری حور نیی

Гар бигӯям мулкии чиз дигар ме донад

گر بگویم ملکی چیز دگر می‌داند

Ҳунари мӯҳтасиб инаст ки ҳрдм ҷое

هنر محتسب این است که هردم جایی

намекунад айби ман маст ва ҳунар ме донад

می‌کند عیب منِ مست و هنر می‌داند

Ғайр аз ин шеваи хаёлӣ ки ба ёд рух туаст

غیر از این شیوه خیالی که به یاد رخ توست

Ба хаёли даҳанати ҳеҷ агар ме донад

به خیال دهنت هیچ اگر می‌داند