Ростиро шевае кони сарв қомат ме кунад
راستی را شیوهای کآن سرو قامت میکند
Гар ба қасд саркашӣ набӯд қиёмат ме кунад
گر به قصد سرکشی نبوَد قیامت میکند
Дӯши фикр моҳ мекардам ки ҷонон рух намӯд
دوش فکر ماه میکردم که جانان رخ نمود
Равшанам шуд ин ки изҳор каромат ме кунад
روشنم شد این که اظهار کرامت میکند
Носеҳи мо аз ҳунар бӯе надорад ғайр аз ин
ناصح ما از هنر بویی ندارد غیر از این
Ков ба чандини айби худ моро маломат ме кунад
کاو به چندین عیب خود ما را ملامت میکند
Дил ба ёди ғамзааш пайвастаи бемор аз чаҳ рӯаст
دل به یاد غمزهاش پیوسته بیمار از چه روست
Зони қаду қомат чу касб истиқомат ме кунад
زآن قد و قامت چو کسب استقامت میکند
эй хаёлии гиря афзӯн кун ки фардои пеши дӯст
ای خیالی گریه افزون کن که فردا پیش دوست
Бедилонро оби рӯи ашк надомат ме кунад
بیدلان را آب رو اشک ندامت میکند